21 साल की निकिता की गोली मारकर हत्या कर देने के मामले में नया मोड़ आ गया है. हत्या से नाराज लोगों ने मामले पर महापंचायत बुलाई. महापंचायत के बाद हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की गई. महापंचायत के बाद भीड़ उग्र हो गई और हाईवे जाम कर दिया. इतना ही नहीं भीड़ ने आगजनी और पथराव भी किया जिसके बाद पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को तितर-बितर किया. उम्मीद के विपरीत पथराव से पुलिस के आला अधिकारी हैरान रह गए. पंचायत में शामिल लोग हर हाल में निकिता के हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी दिलाने की मांग कर रहे हैं.
फरीदाबाद बल्लभगढ़ हाईवे जाम
महापंचायत के बाद मौके पर मौजूद भीड़ ने फरीदाबाद- बल्लभगढ़ हाईवे को जाम कर दिया जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया. मामले को लेकर मंगलवार को भी लोग नाराज दिखे थे और उन्होंने गौंछी-सोहना रोड पर जाम लगा दिया था.
क्या है मामला
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में सोमवार को बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा की तौसीफ नाम के युवक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. तौसीफ और उसके साथी रेहान ने पहले छात्रा का अपहरण करने की कोशिश की. अपहरण में नाकाम रहने के बाद उन्होंने उसे गोली मार दी और मौके से फरार हो गए. कांग्रेसी विधायक आफताब अहमद के चचेरे भाई तौसीफ और रेहान को हालांकि पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया. लेकिन पूरे घटनाक्रम पर देशभर में लोगों में गुस्सा है.
घटना पर क्या बोले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा
“इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है. यह विषय लव जिहाद के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. हम इसे केंद्र और राज्य स्तर पर बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. इस प्रकार की घटनाएं दोबारा ना हो यह हमारी पूरी कोशिश है.”
बिंदुवार जानिए क्या है निकिता मर्डर केस की कहानी
- दरअसल, 26 अक्टूबर को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज में पेपर देकर लौट रही 21 साल की छात्रा निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
- हत्या के आरोपी तौसीफ ने अपने दोस्त रेहान के साथ मिलकर सोमवार की शाम 4:00 बजे इस घटना को अंजाम दिया था.
- तौसीफ ने हालांकि पेपर देकर लौट रही निकिता को बीच रास्ते से गाड़ी में खींचने की कोशिश की लेकिन निकिता के इनकार करने पर उसने उसको गोली मार दी.
- घटना के बाद 5 घंटे बाद पुलिस की 10 टीमों ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने मोबाइल नंबर बंद नहीं किया था बल्कि कुछ लोगों से लगातार संपर्क में था. यही कारण है कि पुलिस के रडार पर आसानी से चढ़ गया.
- महत्वपूर्ण है कि तौसीफ बारहवीं तक निकिता के साथ पढ़ा था. वह लगातार निकिता पर धर्म परिवर्तन और शादी करने का दबाव बनाता था.
- 2018 में एक बार निकिता को पहले भी किडनैप कर चुका था. 3 अगस्त 2018 को तौसीफ ने तीन चार सहेलियों के साथ निकिता को जबरदस्ती कार में बैठाया था. कुछ दूरी पर सहेलियों को उतारकर निकिता को ले गया था.
- सहेलियों और परिजनों ने पुलिस को निकिता की जानकारी दी थी जिसके बाद पुलिस ने 2 घंटे में उसे बरामद किया था.
- घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है.
- तौसीफ का परिवार राजनीतिक रसूख वाला है. तौसीफ के दादा कबीर अहमद पूर्व विधायक हैं जबकि चचेरा भाई आफताब आलम मेवात जिले की नूह सीट से कांग्रेस विधायक है. आफताब के पिता खुर्शीद अहमद हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके हैं. चाचा जावेद अहमद बसपा से जुड़े हुए हैं.
- निकिता के पिता मूलचंद तोमर 25 साल पहले यूपी के हापुड़ जिले से बल्लभगढ़ आए थे. निकिता भाई-बहनों में छोटी थी. बड़ा भाई नवीन सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है जबकि निकिता सेना में भर्ती होना चाहती थी.
पुलिस ने निकिता के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा दी
निकिता तोमर हत्याकांड में पीड़ित परिवार के सदस्यों को फरीदाबाद पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई है. पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि निकिता के भाई, पिता व मां को अलग-अलग गनमैन दिए गए हैं जो 24 घंटे तीनों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे. प्रवक्ता ने बताया कि निकता हत्याकांड में पुलिस 12 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल करेगी. पुलिस का दावा है कि हत्याकांड से संबंधित सभी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं. अब बस आरोप पत्र तैयार करके अदालत में पेश करना बाकी है.

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