तकनीक और विज्ञान ने जहां प्रगति के आयाम स्थापित किए हैं वहीं दुष्प्रभाव भी सामने आते हैं. टीवी सीरियल्स पर चलने वाले शो कई बार जहां अच्छाई के रास्ते को दिखाते हैं वहीं बुराई को भी जन्म देते हैं. बच्चों पर टीवी सीरियल्स का दुष्प्रभाव क्या होता है, यह मथुरा में हुई एक घटना ने बता दिया. 11वीं कक्षा के पढ़ने वाले नाबालिग लड़के ने अपने पिता की न केवल हत्या की बल्कि लाश जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया. बुद्धि इतनी लगाई की फिंगरप्रिंट समेत कोई सबूत ना मिले. सबसे चौंका देने वाली बात यह है कि इसमें उसकी मां ने मदद की. नाबालिग लड़के ने वारदात के लिए एक ही क्राइम शो को 100 बार से अधिक बार देखकर अपनी बुद्धि का विकास किया.
अधजली लाश से हुआ खुलासा
घटना मथुरा की है जहां एक व्यक्ति लापता हो गया. 3 मई को पुलिस को जंगल में एक अधजली लाश मिली लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. क्योंकि आसपास के किसी भी थाने में गुमशुदगी की कोई भी रिपोर्ट दर्ज नहीं थी. इस्कॉन में काम करने वाले व्यक्ति के अधिकारियों के कहने पर 27 मई को परिवार ने रिपोर्ट लिखाई. पुलिस ने बॉडी के बारे में बताया जिसके बाद व्यक्ति के सहकर्मियों ने अधजली बॉडी से उसको पहचान लिया.
100 बार से अधिक देखा क्राइम सीरियल
घटना के बाद पुलिस ने जो खुलासा किया वह हैरान करने वाला था. मथुरा के एसपी सिटी उदय शंकर सिंह ने बताया कि जब भी लड़के को पूछताछ के लिए बुलाया जाता था तो वह पुलिस से उल्टा सवाल करने लगता जैसे किस जुर्म में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है या उससे पूछताछ कर रही है. लड़के के व्यवहार से पुलिस को शक हुआ और पुलिस ने लड़के के फोन को लेकर उसकी जांच की. जांच में चौंकाने वाला परिणाम आया. मोबाइल में दिखा कि क्राइम पर आधारित एक टीवी सीरियल के एपिसोड 100 बार से अधिक देखे गए थे. उसकी कहानी भी वैसे ही थी. पुलिस की सख्ती और पूछताछ के बाद लड़के ने पिता के कत्ल को कबूल कर लिया जिसके बाद क़त्ल में मां का शामिल होना भी सामने आया.
बहन की पिटाई से नाराज था नाबालिग युवक
बकौल पुलिस लड़के ने बताया कि उसकी बहन को उसका बाप बहुत पीटता था. इससे खफा होकर उसने अपने बाप की हत्या का प्लान बनाया था. 100 बार से ज्यादा क्राइम पेट्रोल के एपिसोड देखे. पुलिस के मुताबिक लड़के ने पहले पिता के सिर पर रॉड से वार किया. फिर कपड़े से चेहरा ढक कर गला दबाया. जब मौत हो गई तो मां की मदद से लाश को स्कूटी पर रखकर 5 किलोमीटर दूर जंगल में ले गया. वहां पेट्रोल और टॉयलेट क्लीनर से लाश जला दी ताकि सबूत खत्म की जा सके. पुलिस ने बताया कि गला दबाने के लिए चेहरा ढका ताकि उंगलियों के निशान गर्दन पर ना मिल सके. फिर भी आरोपी बच नहीं सका. पुलिस ने लड़के और उसकी मां को हत्या और हत्या के सबूत मिटाने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया है. पुलिस खुलासा करती रही और साथ ही साथ हैरान भी होती रही.

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