11 राज्यों की 54 सीटों पर चुनावी शोर आज शाम 5:00 बजे बंद हो गया. 3 नवंबर को मतदाता अपने मत का अधिकार करते हुए 54 उम्मीदवारों का चयन करेंगे जो विधानसभा में उनके क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे. उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, समेत 11 राज्यों में उपचुनाव की पूरी तैयारी कर ली गई है. बिहार की 1 लोकसभा सीट और मणिपुर की 2 विधानसभा सीटों के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा. सभी की किस्मत का फैसला 10 नवंबर 2020 को होगा.
कहां कितने सीटों पर मतदान
मध्यप्रदेश में सर्वाधिक सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं जिसका कारण राज्य में तख्तापलट रहा. मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोट डाले जायेंगे. 3 नवंबर को ही गुजरात की 8, उत्तर प्रदेश के 7, झारखंड, उड़ीसा, नागालैंड, और कर्नाटक के 2-2 सीट जबकि हरियाणा और तेलंगाना में एक विधानसभा सीट के लिए मतदान होगा.
क्या है मध्यप्रदेश का मिजाज
मार्च 2020 में मध्यप्रदेश में हुई सियासी उठापटक के बाद 28 सीटें खाली हो गई थी. राज्य में विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 230 है जिसमें वर्तमान में भाजपा के 107, कांग्रेस के 88, बहुजन समाज पार्टी के दो, समाजवादी पार्टी का एक विधायक है जबकि चार विधायक निर्दलीय प्रतिनिधित्व करते हैं. राज्य में उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए ही बहुत महत्वपूर्ण है. कारण सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी दल को 116 विधायकों की जरूरत होगी.
28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए दोनों ही बड़े राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है. भाजपा को कुर्सी पर काबिज रहने के लिए 9 विधायकों की जरूरत है तो वही कांग्रेस को भाजपा को कुर्सी से बेदखल करने के लिए और खुद कुर्सी हथियाने के लिए 28 विधायकों की जरूरत है. 10 नवंबर को राज्य का बहुत बड़ा फैसला हो जाएगा.
क्या उत्तर देगा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश मे भी 7 विधानसभा सीट के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा. महत्वपूर्ण है कि 7 में से 6 सीटें पिछले चुनाव में भाजपा ने जीती थी. राज्य में मुख्यमंत्री की साख दांव पर लगी है. भाजपा सभी सीटें हथियाने की कोशिश करेगी. वहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी अपनी मजबूती को दिखा रहे हैं. माना जा रहा है कि अखिलेश और मायावती के बीच की तकरार से भाजपा की नैया पार हो सकती है और खासा लाभ मिल सकता है.

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