आरोग्य सेतु एप. ऐसा सेतु जिसके प्रचार प्रसार के लिए भारत सरकार ने एड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा दिया. आज भी ट्रेन से लेकर प्लेन तक आरोग्य सेतु के आपके बिना यात्रा करना नामुमकिन है. आरोग्य सेतु किसने बनाया इसका जवाब विभागीय अधिकारियों ने दे दिया लेकिन अधिकारियों के जवाब से नाखुश केंद्र सरकार ने जवाब देने वालों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.
पहले जानिए आरोग्य सेतु एप क्या है
दरअसल कोविड-19 के भारत में आने के बाद से सरकार ने महज 21 दिन में कोविड-19 की जानकारी और उसके बचाव से जुड़े आरोग्य सेतु को लांच किया. आरोग्य सेतु की खास बात यह है कि ब्लूटूथ के जरिए यह कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति की पहचान करके अलर्ट जारी करता है. सरकार ने इसको मोबाइल में डाउनलोड करने और ब्लूटूथ लोकेशन को ऑन रखने के लिए लोगों से अपील की. इतना ही नहीं सरकार ने आरोग्य सेतु एप के प्रचार प्रसार के लिए खूब पैसा भी खर्च किया. टीवी पर विज्ञापन चलाए गए. आरोग्य सेतु एप में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति का डाटा सरकार के पास रहता है जिसके आधार पर वह दूसरे लोगों को सतर्क करती रहती है.
विवाद क्या है
दरअसल आरोग्य सेतु एप को लेकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी. जानकारी मांगने वाले ने सरकार से चाहा था कि आरोग्य सेतु एप किसने बनाया और सरकार की उस में क्या भूमिका है? जिसमें विभाग द्वारा सरकार और प्राइवेट फर्म के साथ मिलकर ऐप को बनाने की जानकारी दी गई. लेकिन जानकारी सीधी न देकर गोलमाल दी गयी. केंद्र सरकार ने इस जवाब से नाखुशी जाहिर की और अब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए.
क्यों खफा है केंद्र सरकार
केंद्रीय सूचना आयोग ने आरोग्य सेतु डेवलप करने वालों की सही जानकारी नहीं देने के मामले में राष्ट्रीय सूचना केंद्र को फटकार लगाई है. साथ ही लापरवाही पर गंभीर रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया. जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और अधिकारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए.
सरकार ने आरोग्य सेतु पर यह जवाब दिया है
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि
“ऐप को सरकार और निजी क्षेत्र के एक सहयोग पूर्ण प्रयास से विकसित किया गया है. एप ने कोविड-19 यूजर्स के ब्लूटूथ संपर्कों के पहचान में मदद की और अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित बनाए रखने में सहायता भी की है.”
क्यों जरूरी था आरोग्य सेतु एप
सरकार ने आरोग्य सेतु एप की जरूरत को भी बताया. सरकार ने अपने जवाब में आगे स्पष्ट किया और कहा कि
“कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों को एक साथ लाने के लिए भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी मोड में आरोग्य सेतु एप को लांच किया गया था. लॉकडाउन के प्रतिबंधों के साथ महामारी के संकट काल से निपटने के लिए 21 दिन के रिकॉर्ड समय में यह एक विकसित किया गया था.”
उद्देश्य भी बता दिया सरकार ने
आरोग्य सेतु एप के बारे में बताते हुए सरकार ने कहा कि
“इसका उद्देश्य मेड इन इंडिया के तहत उद्योग जगत शिक्षा जगत और सरकारी क्षेत्र की क्षमता वाले लोगों जिन्होंने इस दिशा में दिन-रात जुड़कर काम किया, के सहयोग से मजबूत टिकाऊ और सुरक्षित कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग ऐप को तैयार करना था.”
सरकार के जवाब में आगे कहा गया है कि
“2 अप्रैल 2020 के बाद आरोग्य सेतु एप पर नियमित रूप से प्रेस विज्ञप्ति और अपडेट जारी किए गए हैं. इसमें 26 मई 2020 को ओपन डोमेन में सुरक्षित कोड को उपलब्ध कराना भी सम्मिलित है. जब कोड को पब्लिक में जारी किया गया, तब एप के विकास और परितंत्र के प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों के नाम विभिन्न चरणों में साझा किए गए थे.

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