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माफिया मुख्तार को यूपी भेजने से पंजाब सरकार का इंकार, सुप्रीम कोर्ट पूरे मामले पर 8 को करेगा विचार

उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को पंजाब सरकार यूपी नहीं भेजना चाहती. इसके लिए बकायदा पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविड दायर कर अंसारी को यूपी सरकार को ना सौंपने की की वजह बताई है.

पंजाब के रोपड़ जेल में बंद कई मुकदमों के वांछित मुख्तार अंसारी को पंजाब की कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश को सौंपने से इनकार करते हुए उसके खराब सेहत का हवाला दिया है. रोपड़ जेल के अधीक्षक के माध्यम से पंजाब सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कराया है जिसमें मुख्तार अंसारी को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अवसाद, त्वचा में एलर्जी और पीठ में दर्द की बीमारी से पीड़ित बताया गया है. इतना ही नहीं पंजाब सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज करने की मांग की है और तर्क दिया है कि वह अंसारी को यूपी से दूर नहीं रखना जाती है.

मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश सरकार अपनी कस्टडी में लाना चाहती है जिसमें पंजाब की सरकार बाधक बनी है. इसी बाबत उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर पंजाब सरकार से अंसारी को यूपी सरकार को सौंपने की मांग की थी.
यूपी से अंसारी को दूर रखने की साजिश पर पंजाब सरकार ने अपना पक्ष रखा है. सरकार ने कहा है कि मुख्तार अंसारी को यूपी से दूर रखने की उनकी कोई मंशा नहीं है ना ही ऐसी कोई साजिश है. सरकार चिकित्सकों की राय के मुताबिक काम कर रही है. कोर्ट में दाखिल हलफनामे में पंजाब की ओर से कहा गया है कि यूपी सरकार की रिट याचिका विचार करने योग्य है ही नहीं. सरकार ने कहा है कि यूपी सरकार यह दावा कर ही नहीं सकती कि अंसारी को पंजाब के जेल में रखना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

यहां यह जान लेना जरूरी है कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार अंसारी को पंजाब से यूपी लाने की कोशिशों में लगी है जबकि पंजाब की सरकार अंसारी की सेहत का हवाला देकर बार-बार सुनवाई को डालने की कोशिश कर रही है. पूरे मामले पर सर्वोच्च न्यायालय अब 8 फरवरी को सुनवाई करेगा.

कांग्रेस विधायक खुलकर अंसारी के समर्थन में सामने आए

माफिया मुख्तार अंसारी के बचाव में पंजाब सरकार की हीलाहवाली ही नही बल्कि यूपी कांग्रेस भी मैदान में उतर गई है. माघ मेला में कांग्रेस सेवा दल के शिविर में पहुंचे एमएलसी दीपक सिंह ने मुख्तार अंसारी को यूपी न भेजने के पंजाब सरकार के फैसले का अनौपचारिक समर्थन किया है. दीपक सिंह ने यूपी सरकार पर ही सवाल उठाते हुए पूछा कि यूपी सरकार ने मुख्तार अंसारी को पंजाब क्यूं भेजा?.

इतना ही नहीं, उन्होंने बीजेपी एमएलए अलका राय के राजनैतिक संरक्षण के आरोपों को प्रोपेगेंडा बता डाला. दीपक सिंह ने कहा अलका राय भाजपा के झूठ और छल में फंसकर आरोप लगा रही हैं. अलका राय को यह सवाल हाउस में अपनी पार्टी से करना चाहिए. गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी पर अलका राय के पति व पूर्व बीजेपी विधायक कृष्णानंद की हत्या का आरोप है.

भाजपा का कांग्रेस पर जोरदार हमला

पंजाब सरकार के हलफनामे से नाराज उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार के प्रवक्‍ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर गैंगस्‍टर से विधायक बने मुख्‍तार अंसारी को संरक्षण देने का आरोप लगाया. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मामले में जमकर लपेटा.
सिंह ने पूछा

कांग्रेस, प्रियंका और राहुल को मुख्तार अंसारी से इतनी सहानुभूति क्यों है? ‘दोहरापन कांग्रेस का चरित्र है और वह हर घटना को अपने चश्मे से देखती है. राजनीतिक लाभ के लिए वह किसी का भी समर्थन कर सकती है, यहां तक कि देश और समाज के दुश्मनों का भी. दुर्दांत अपराधी मुख्तार अंसारी के मामले में कांग्रेस शासित पंजाब सरकार का रवैया इसका सबूत है.

सिद्धार्थ नाथ सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा

देश के इतिहास में शायद ही कोई ऐसा उदाहरण मिले जिसमें किसी राजनीतिक दल की एक माफिया के प्रति इस कदर सहानुभूति उमड़ी हो कि उसकी पैरोकारी में वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाए.

सिद्धार्थनाथ सिंह ने कांग्रेस की निष्ठा पर सवाल उठाया कहा,

‘पूरा समाज जानता है कि मुख्तार क्या है और कितने लोग उसके जुल्म और ज्यादती के शिकार हुए हैं. मेरा कांग्रेस के साहबजादे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से सवाल है कि इस सहानुभूति की वजह क्या है? उन लोगों के बारे में उनका क्या ख्याल है जिनका घर-परिवार मुख्तार के कारण उजड़ गया? मैं ही नहीं पूरा देश और समाज यह जानना चाहता है.’ मुख्तार के बहाने उनकी (कांग्रेस) नजर वर्ग विशेष के वोट पर है पर उनके ये मंसूबे पूरे नहीं होंगे.

सिंह ने राज्य सरकार की तारीफ़ की और कहा

योगी सरकार अलग तरह की सरकार है और वह अपराधियों और माफिया को सत्ता के संरक्षण के रूप में खाद-पानी नहीं देती बल्कि उनका मान मर्दन करती है और करती रहेगी.

मुख्तार की पत्नी को हत्या की आशंका

जान लेना जरूरी है कि पिछले साल नवंबर महीने में मुख्‍तार अंसारी की पत्‍नी अफशां अंसारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने परिवार के द्वारा देश की आजादी की लड़ाई में दिए गए योगदान का जिक्र किया. अफशां राष्‍ट्रपति पत्र में अपने पति की हत्‍या की आशंका जताते हुए हस्‍तक्षेप की मांग की थी.

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Prakash Pandey

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