सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश.कोरोना काल मे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ने लॉक डाउन के नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने के मामले में उत्तराखंड की लगभग बराबरी कर ली है. उत्तराखंड प्रदेश में 23 मार्च से अब तक जितनी कार्रवाई हुई है उतने के लगभग अकेले सहारनपुर ने कार्रवाई की है.
लॉक डाउन के दौरान सहारनपुर में हुई अब तक कि कार्रवाई
सहारनपुर कोरोना काल में 23 मार्च से लेकर 6 मई तक वाहन चेकिंग और चलानी कार्यवाही करते हुए जनपद पुलिस ने तकरीबन एक करोड़ से अधिक का समन शुल्क वसूल किया.
सहारनपुर पुलिस के अनुसार नोबेल कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम के लिए 23 मार्च से लॉक डाउन के आह्वान पर आज बुधवार 6 मई तक जनपद सहारनपुर में लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने 43854 वाहन चेक किये जिसमें 15113 वाहनों का चालान किया.
इतना ही नहीं जनपद पुलिस ने 1519 वाहन सीज कर दिए और 14149900 ( एक करोड़ इकतालीस लाख उंचास हज़ार नौ सौ रुपये का सम्मन शुल्क वसूल किया.
जनपद पुलिस ने 151/ 107/ 116 सीआरपीसी में 4242 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए धारा 188 भारतीय दंड विधान के अंतर्गत 700 अभियोग पंजीकृत किए और 3532 लोगों के विरुद्ध कार्यवाई की. सहारनपुर पुलिस द्वारा यह बड़ी कार्रवाई है.
उत्तराखंड के तेरह जिलों का रिकॉर्ड
नियमों को तोड़ने पर उत्तराखंड पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई की है. उत्तराखंड पुलिस ने आज बुधवार को 49 मामलों को दर्ज किया है. साथ ही 497 आरोपियों को लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर गिरफ्तार किया है.
पूरे प्रदेश की बात करें तो अभी तक 2651 मामलों को दर्ज कर 14140 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. वाहन के चालान के मामले में उत्तराखंड पुलिस ने पूरे प्रदेश से 32887 वाहनों के चालान काटे और 6120 वाहनों को सीज किया है. इस सभी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अब तक एक करोड़ 68 लाख रुपए का जुर्माना वसूल कर लिया है.
गर्व करें या शर्म
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद की पुलिस ने निसंदेह अपनी कार्यशैली से प्रभावित किया है लेकिन लोगों की चेतावनी के बाद भी उनके उल्लंघन करने की प्रवृत्ति ने जनपद को शर्मिंदगी का अहसास भी कराया है. ऐसे में यह सोचने पर विवश होना पड़ता है कि पुलिस की उपलब्धि पर गर्व किया जाए या फिर जनता की बेवकूफी पर शर्मिंदा हुआ जाए. उत्तराखंड के 13 जिले मिलकर भी अकेले सहारनपुर से बराबर नहीं मिल पाए. 13 जिलों के आंकड़े बस सहारनपुर से थोड़े से अधिक रहे यानी कि अगर सभ्यता और लॉक डाउन अनुपालन के हिसाब से देखा जाए उत्तराखंड के लोगों ने सहारनपुर के लोगों से कम गलतियां की.

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