सहारनपुर. लॉक डाउन के चौथे चरण में घर पहुंचने की आस लिए प्रवासी मजदूरों के साथ बड़ा खेल हो गया. मजदूरों को जाना कहीं और था और पहुंच कहीं और गए.
दरअसल 900 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को लेकर एक ट्रेन गोवा से पूर्वी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, इलाहाबाद और बनारस के लिए चली थी लेकिन आश्चर्य तब हुआ जब ट्रेन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई. यानी मंजिल से तकरीबन 1000 किलोमीटर दूर. रेलवे की लापरवाही से मजदूरों के मन में निराशा छा गयी. मजदूरों में दुखी मन से कहा इस लॉक डाउन की परेशानी पहले से ही क्या कम थी जो अब रेलवे भी मजाक कर रहा है. गोवा से चली स्पेशल ट्रेन रास्ते के कई स्टेशनों से गुजरी लेकिन रेलवे की सुरक्षा एजेंसी आरपीएफ ने मजदूरों को कहीं भी उतरने नहीं दिया. ट्रेन जब रुकी तो स्टेशन सहारनपुर था और मजदूर अपने मंजिल से 1000 किलोमीटर दूर थे.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में जाने वाले मजदूरों ने जब अपने आपको पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अंतिम जिले सहारनपुर में पाया तो वह हैरान रह गए. सहारनपुर स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन 6 घंटे की देरी से पहुंची थी. मजदूरों की समस्या को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर जिला प्रशासन ने बसों का इंतजाम कराया जहां से उन्हें उनके गृह जनपद के लिए रवाना किया गया. मौके पर मौजूद क्षेत्राधिकारी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि हर वर्ष बस में राशन और पीने के लिए पानी की व्यवस्था की गई है ताकि श्रमिकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.
रेलवे की यह लापरवाही अब लोगों में चर्चा का विषय बन गई है. लोग तो यहां तक भी कहने से नहीं चूक रहे हैं कि लॉक डाउन में रेल भी अपना रास्ता भूल गई है और श्रमिकों के साथ खेल हो गया.

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