वैश्विक महामारी कोरोना का कहर कम जरूर हुआ है लेकिन थमा नहीं है. देश में तकरीबन एक लाख तेरा लाख हजार से अधिक लोग कोरोना से जीवन हार चुके हैं. जबकि कुल संक्रमितों की संख्या देश में 74 लाख को पार कर गई है. देशवासी सरकार की ओर कोरोना वैक्सीन के लिए टकटकी लगाए हुए हैं. रूस के बाद भारत ने टीकाकरण अभियान की तैयारियां बढ़ा दी हैं. सरकार किसी भी तरह कोरोना की रफ्तार पर काबू पाना चाह रही है.
सरकार करा रही सूची तैयार
पहले चरण में तकरीबन 30 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. News24 की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार सबसे ज्यादा खतरे वाली आबादी के अलावा फ्रंटलाइन वर्कर जैसे हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स, पुलिस, सैनिटाइजेशन कर्मचारी को प्राथमिकता पर रखेगी. रिपोर्ट के मुताबिक 30 करोड लोगों के लिए 60 करोड टीके लगेंगे. वैक्सीन अप्रूव होने के बाद टीके लगने का काम शुरू हो जाएगा.
4 कैटेगरी में होगा टीकाकरण
सरकार की कैटेगरी के मुताबिक करीब 50 से 70 लाख हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, दो करोड़ से ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर्स, 50 साल से ज्यादा उम्र के करीब 26 करोड़ लोग और ऐसे लोग जो 50 साल से कम उम्र के हैं मगर अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं को शामिल किया गया है.
पहले चरण में 23% आबादी को लगेगा टीका
सरकार ने पहले चरण में 23% आबादी को कवर करने की योजना बनाई है. इसके लिए बकायदा ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया गया है. केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकार ने इनपुट्स लिए थे. नीति आयोग के सदस्य डॉ बीके पाल की अगुवाई में इस ग्रुप में प्लान बनाया है.
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
एक्सपर्ट कमेटी के मुताबिक देश में सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर करीब 70 लाख हेल्थ केयर कर्मचारी शामिल है. इनमें 11 लाख एमबीबीएस डॉक्टर आठ लाख आयुष प्रैक्टिशनर्स, 15 लाख नर्सेज, सात लाख एएनएम और 10 आशा वर्कर शामिल हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर के आखिरी या नवंबर की शुरुआत तक लिस्ट तैयार हो सकती है.
पहले किसको मिलेगा मौका
जो प्लान सरकार ने तैयार किया है उसके मुताबिक 45 लाख पुलिस और अन्य फोर्सेज के कर्मचारियों, समेत सेना के 15 लाख लोग लिस्ट में शामिल हैं. इनके अलावा कम्युनिटी सर्विसेज, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ड्राइवर, क्लीनर्स और टीचर्स को भी लिस्टेड किया गया है. इनकी अनुमानित संख्या तकरीबन डेढ़ करोड़ है. 50 साल से ज्यादा उम्र के करीब 26 करोड़ों लोगों को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा. वहीं डायबिटीज, दिल की बीमारियों, किड़नी फेल्योर, फेफड़ों की बीमारी, कैंसर, लीवर की बीमारी का सामना कर रहे लोगों को भी प्राथमिकता के आधार पर टीके लगाए जाएंगे. कई कैटेगरी में ओवरलैपिंग हो सकती है. सरकार ने अपेक्षा की है कि प्राथमिकता वाली आबादी के टीकाकरण के लिए 60 करोड टीकों की रोज जरूरत होगी. ऐसे में व्यक्ति के स्टाफ पोजीशन, स्टोरेज फैसिलिटी में टेम्प्रेचर, जियो टैग हेल्थ सेंटर्स को ट्रैक करने का इंतजाम भी सरकार ने किया है. कुछ सब कुछ ठीक रहा तो जल्दी यह सूचना खुशखबरी में तब्दील हो जाएगी. सरकार इस दिशा में बड़ी तेजी से काम भी कर रही है.

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