लखनऊ/उत्तर प्रदेश. 3 दिन से फरार चल रहे बलिया कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया. स्पेशल टास्क फोर्स की टीम धीरेंद्र को बलिया ले जाकर स्थानीय पुलिस को हैंड ओवर करेगी. धीरेंद्र के साथ ही गोलीकांड के दो नामजद आरोपी संतोष यादव और अमरजीत यादव को भी गिरफ्तार किया गया. घटना के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह समेत अब तक कुल 10 आरोपी बलिया कांड में गिरफ्तार का किए गए जिनमें से पांच नामजद आरोपी है.
आरोपियों पर रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई करेगी. पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए पहले पच्चीस-पच्चीस हज़ार का इनाम रखा था जिसे बाद में बढ़ाकर 50-50 हज़ार कर दिया था.
एसडीएम, सीओ और पुलिस की मौजूदगी में हुआ था बलिया कांड
बलिया गोलीकांड एसडीएम सीओ और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ था. दरअसल, बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को सरेआम दोपहर में फायरिंग हुई जिसमें एक आदमी की मौत और आधे दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे. गोलीकांड में मरने वाले व्यक्ति जयप्रकाश पाल जबकि गोली चलाने का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह और उसके समर्थक हैं. पूरे प्रकरण में पुलिस ने धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है.
भाजपा विधायक का करीबी है धीरेंद्र प्रताप सिंह
बलिया गोली कांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह भाजपा से जुड़ा हुआ है और भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी है. पूरे प्रकरण से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज बताए जा रहे हैं. खबर है कि पार्टी विधायक सुरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रत देव सिंह ने लखनऊ तलब किया है. पार्टी, विधायक सुरेंद्र सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए मौका देगी.
एसडीएम, सीओ और 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई थी और घटना के दौरान मौजूद एसडीएम सीओ और बाकी 11 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था.

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