19 अक्टूबर से सभी शिक्षा बोर्ड के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन होगा -जिलाधिकारी
विद्यालयों में कोविड-19 की गाइडलाईन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं -अखिलेश सिंह
विद्यालय में पढ़ाई दो पालियों में होगी
सहारनपुर/उत्तर प्रदेश. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते स्कूल मार्च के महीने से ही बंद चल रहे हैं. पांचवें चरण के अनलॉक में केंद्र सरकार ने कक्षा 9 से 12 तक स्कूलों को शशर्त खोलने की अनुमति दे दी. प्रदेश सरकार ने राज्य में 19 अक्टूबर से स्कूल खोलने और नियमों के पालन के आदेश जारी किए थे, जिसके बाद शनिवार शाम जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने भी अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए.
क्या कहा जिलाधिकारी ने
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने स्कूल खोलने संबंधी बैठक में वैश्विक महामारी से सावधान रहने की सलाह दी और कहा कि कहा शासन की मंशा के अनुरूप 19 अक्टूबर से समस्त शिक्षा बोर्ड के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन का कार्य प्रारम्भ किया जाए.
ऐसी होगी व्यवस्था
- सभी विद्यालयों को दो पालियों में चलाया जाएगा.
- दिन में दो बार विद्यालय को सैनिटाइज कराया जाएगा. अभिभावकों की बिना सहमति के बच्चों को प्रवेश न दिया जाएगा.
- विषम परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई के लिए जनपद के सभी प्राईमरी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारियों को विद्यालय के नियमित सम्पर्क में रहने के आदेश हैं.
- कोविड-19 की गाइडलाईन का सख्ती से पालन कराते हुए सभी बोर्ड के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन का कार्य शुरू कराने के आदेश हैं.
- शिक्षक व शैक्षिणक कर्मचारियों की कोविड जांच कराने के आदेश हैं.
- रोस्टर के अनुसार सभी विद्यालयों में कोविड-19 की जांच कराई जायेंगी.
- सभी विद्यालय छात्रों को स्कूल लाने वाली बसों को दिन में दो बार सैनेटाइज करायेंगे.
- प्रधानाचार्य बच्चों को मास्क पहनने, दो गज की दूरी तथा नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रेरित करते रहेंगे.
- सभी प्रधानाचार्य अपने विद्यालयों में सैनेटाइजर, थर्मल स्कैनर खरीदेंगे तथा छात्रों, शिक्षकों तथा शैक्षिणक कर्मचारियों की नियमित जांच कराते रहेंगे.
ये होगी टाइमिंग्स
जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार दूबे ने कहा कि सभी शिक्षा बोर्ड के विद्यालय दो पालियों में खुलेंगे. पहली पाली में कक्षा 9 से 10 तथा दूसरी पाली में कक्षा 11 से 12 के छात्रों की पढ़ाई होगी. उन्होने कहा कि जो विद्यालय माॅस्क नहीं खरीद सकते है, उन्हें मास्क उपलब्ध कराए जायेंगे.
स्कूलों ने डीएम को बताई समस्या
विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्य ने जिलाधिकारी को बताया कि केवल 10 से 12 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने को तैयार है. जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रधानाचार्य ने बताया कि ग्रामीण अभिभावक अधिक संख्या में बच्चों को विद्यालय भेजने को तैयार है.

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