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महिलाओं और बच्चों पर होने वाले अपराधों पर सरकार गंभीर, ‘मिशन शक्ति’ के जरिए जागरूकता और कार्रवाई का संदेश

सहारनपुर/ लखनऊ. महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की जोरी टॉलरेंस की नीति ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. महिला और बालिकाओं के साथ अपराध में संलिप्त अपराधियों को कोर्ट से सजा कराने के लिए जेल भेजा जा रहा है. अगर गौर करे तो बीते एक साल में महिलाओं और बच्चों के साथ हुए अपराधों के विरूद्ध प्रदेश में 1388 संगीन मामलों से जुड़े आरोपियों को सजा दिलवाई गई है. कोरोना और लॉकडाउन के दौरान भी अपराधियों के खिलाफ सख्य कार्रवाई की गई है. मुख्यमंत्री जी ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन बनाने के लिए 180 दिन का ‘‘मिशन शक्ति’’ कार्यक्रम शुरू किया है. योगी आदित्यनाथ जी ने सभी जनप्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान साफ शब्दों में कहा है कि 180 दिनों के ‘मिशन शक्ति’ अभियान में पहले चरण में जागरूकता कार्यक्रम चलाये जायेंगे. दूसरे चरण में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति अपराध करने वालों पर कार्यवाही तथा तीसरे चरण में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टचार करने वालों पर बड़ी कार्रवाही की जायेंगी.
‘‘ मिशन शक्ति’’ अभियान के अंतर्गत जनपद में महिलाओं व बच्चों के प्रति होने वाले अपराध के प्रति जागरूकता और माहिलाओं के सशक्तीकरण के लिए 9 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा. यह अभियान 17 से 25 अक्तूबर तक चलेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व उनके द्वारा दर्ज शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए भी विशेष अभियान चलाया जायेंगे. जनपद के प्रत्येक सरकारी कार्यालयों व हर थाने में महिला हैल्प डेस्क के स्थापना की जायेंगी. महिलाओं के प्रति अपराधों के आदी अपराधियों को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाही की जायेंगी. ‘‘मिशन शक्ति’’ अभियान के अंतर्गत चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, श्रम एवं समायोजन, पुलिस, पंचायती राज, ग्राम विकास और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे विभागों के माध्यम से अभियान का सफल संचालन कराया जाएगा. जिलें में थानों व अन्य विभागों के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता के पोस्टर चस्पा कराए जाने के साथ ही महिला एवं बालिकाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने तथा लाभार्थीप्रद योजनाओं का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है. महिलाओं एवं बालिकाओं को जिला, तहसील, ब्लाक, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत स्तर पर भी विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किये जायेंगे. शिविरों में महिलओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने तथा महिला ग्राम प्रधानों और शहरी स्थानीय निकाय, मलिन बस्तियों के निवासियों, किसानों, श्रमिकों को जागरूक किया जायेंगा. शिविरों में पाॅक्सों कनून के अंतर्गत बच्चों का यौन हिंसा से बचाव, सहायता व पुनर्वास तथा हिंसा करने पर दण्ड़ के प्राविधानों से आम लोगों को जागरूक किया जायेंगा.
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान को समर्पित ये 180 दिनों में महिला शसक्तीकरण में अपनी पहचान बनाने वाली 100 महिलाओं/बालिकाओं का चयन भी रोल मोडल के रूप में किया जायेगा. रोल माॅडल के लिए ऐसी महिलाओं व बालिकाओं का चयन होगा जो विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए एक प्रेरणा बनी हो तथा विशिष्ठ क्षेत्रों में प्रयास कर सफलता पाई हो. महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के लिए महिलाओं एवं बालिकाओं के ऋण आवेदन पत्रों का त्वरित निस्तारण कराकर ऋण उपलब्ध कराया जायेंगा. चिकित्सा विभाग अभियान के दौरान अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड देकर लाभान्वित करेंगा.

ऐसे होगा कार्यक्रमों का आयोजन

जनपद में नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वालम्बन‘‘ के अन्तर्गत 17 अक्टूबर को को मिशन शक्ति का किक स्टार्ट एवं पुलिस विभाग की हैल्प डेस्क ं का लोकार्पण किया गया . 18 अक्टूबर को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लैंगिक संवेदीकरण, महिला एवं बाल सुरक्षा हेतु संवेदनशीलता लाना, लैंगिक हिंसा की रोकथाम पर रैलियां आयोजित की जायेंगी. 19 अक्टूबर को शक्ति परी, लैंगिक समानता, लैंगिक हिंसा की रोकथाम, पीड़िता को सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाना. 20 अक्टूबर को विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, छात्रों व अध्यापकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, बाल मनोविज्ञान के सम्बन्ध में समझ विकसित करना. 21 अक्टूबर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, लैंगिक हिंसा की रोकथाम
22 अक्टूबर को महिला यात्रियों के प्रति अच्छा व्यवहार करना, यात्रा के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा. 23 अक्टूबर को कार्यस्थलों पर उत्पीड़न की रोकथाम, लैंगिक समानता और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा. 24 अक्टूबर को कानून के प्रति जागरूकता व मित्र पुलिस तथा 25 अक्टूबर, 2020 को जनपद के सभी थानों पर हेल्प डेस्क स्थापित करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें.

पुलिस ने महिलाओं व बच्चियों के साथ हुई घटनाओं में कोर्ट से सजा दिलाने में कामयाबी हासिल की है आरोपितों के विरुद्ध पैरवी में अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते पिछले एक साल में महिलाओं व बच्चों के साथ हुए 1388 मामलों में आरोपितों को सजा दिलाई गई. कोरोना संक्रमण की जंग के दौरान भी 462 मामलों में आरोपितों को सजा दिलाई गई. शरदकालीन नवरात्रों से शुरू हुए ‘मिशन शक्ति’ के दौरान भी अभियोजन विभाग महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाले मामलों में विशेष पैरवी की भूमिका तय की गई है. आने वाला समय में ऐसे आरोपितों को उनके सही स्थान पर पहुंचाया जायेंगा.

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Prakash Pandey

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