नए कृषि कानूनों को लेकर पिछले 12 दिन से आंदोलनरत किसानों ने सरकार से 5 बार वार्ता फेल होने पर 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है. किसानों के ऐलान के बाद आम आदमी में संशय की स्थिति है. शीत लहर के बावजूद किसान दिल्ली के बॉर्डर पर जमे हैं जिन्हें 12 राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है. सिंधु बॉर्डर पर जमे किसानों ने 8 दिसंबर की सुबह से लेकर शाम तक भारत बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है. महत्वपूर्ण है कि चक्का जाम की स्थिति दिन के 3:00 बजे तक रहेगी. इस दौरान कई जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती हैं.
क्या-क्या रहेगा बंद
भारत बंद के दौरान सभी तरह की दुकानें और कारोबार बंद रहेंगे. हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सभी मंडियां बंद रहेंगी. दूध, हरी सब्जियों से लेकर जरूरी सेवाओं के भी प्रभावित होने की संभावना है. माना जा रहा है कि पूरे दिन भर इन सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो सकेगी.
इन पर नहीं पड़ेगा बंद का प्रभाव
भारत बंद के दौरान किसानों ने शादी के कार्यक्रमों को बंद से अलग रखा है. इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस को भी आने जाने की छूट रहेगी. सिंधु बॉर्डर पर जय किसान आंदोलन से योगेंद्र यादव ने 8 तारीख को सुबह से शाम तक भारत में बंद रहने की घोषणा की थी. उन्होंने बताया था कि चक्काजाम शाम 3:00 बजे तक रहेगा. दूध, फल, सब्जी पर रोक रहेगी. शादी और इमरजेंसी सेवाओं पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं रहेगी.
संशोधन पर सरकार कर सकती है विचार
महत्वपूर्ण है कि देश भर में विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार कृषि कानून संशोधन पर विचार कर सकती है. सरकार ने किसानों को स्पष्ट कर दिया है कि कानून को वापस नहीं लिया जाएगा. लेकिन जरूरत पड़ने पर उनकी मांगों के आधार पर कानून में संशोधन पर विचार किया जा सकता है. गौरतलब है कि किसान नेताओं और सरकार के बीच अब तक पांच चरण की बैठकें हो चुकी हैं जो अभी तक बेनतीजा रही है.
कनाडा से लेकर अमेरिका तक पहुंचा किसान आंदोलन
कनाडा के प्रधानमंत्री का बयान आने के कुछ ही दिन बाद किसान आंदोलन की गूंज अमेरिका में भी सुनाई दी. सैकड़ों की संख्या में सिख अमेरिकियों ने शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला. लंदन में भी किसान आंदोलन को समर्थन किया गया. महत्वपूर्ण है कि विरोध के दौरान खालिस्तानी झंडा भी लहराया गया.
प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का बंद को समर्थन
विपक्ष की 12 प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान किया है. भाजपा की करीबी रही शिवसेना, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, डीएमके, समाजवादी पार्टी, बसपा जैसी पार्टियों ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया है और बंद को सफल बनाने की बात कही है.
9 दिसंबर को फिर किसानों से होगी सरकार की बात
5 दिसंबर की किसानों के साथ वार्ता फेल होने के बाद से सरकार ने 9 दिसंबर को अगली तारीख वार्ता के लिए लगाई है. सरकार ने किसान नेताओं से अपील की है कि वह महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आंदोलन से अलग रखें और सरकार से हर सकारात्मक पहलू पर बात करें. सरकार उनको सुनने के लिए तैयार है. इतना ही नहीं सरकार ने एमएसपी पर लिखित आश्वासन देने का भी आश्वासन किसानों को दिया था. लेकिन किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.

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