दिल्ली में नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए किसान आंदोलन पर हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश के संभल से बड़ी खबर आई है. यहां प्रशासन ने 6 किसान नेताओं को 50-50 लाख रुपए का बांड भरने का आदेश जारी किया है. आरोप है कि ये नेता स्थानीय किसानों को सरकार के खिलाफ भड़का रहे हैं. सभी 6 किसान नेताओं को 50-50 लाख के निजी मुचलके के साथ दो गारंटर भी लाने को कहा गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भारतीय किसान यूनियन के संभल अध्यक्ष राजपाल सिंह, किसान नेता जयवीर और सतेंद्र उर्फ गंगाजल समेत छह लोगों को मुचलके में पाबंद किया गया है. समाचार पत्र के मुताबिक पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, “ये लोग गांव में किसानों को भड़का रहे हैं और भ्रामक जानकारियां फैला रहे हैं जिसके बाद क्षेत्र में अशांति पैदा होने का खतरा हो गया था.”
सभी किसान नेताओं को सीआरपीसी की धारा 111 के तहत नोटिस पकड़ाया गया है. एसडीएम दीपेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में पूरे मामले की पुष्टि की है. जिस पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि राज्य सरकार की यह हरकत शर्मनाक है. उन्होंने कहा हम बिल के खिलाफ बेहद शांति से प्रदर्शन कर रहे हैं और यह हमारा अधिकार है कि हम सरकार के गलत कामों का विरोध करें. हम भड़का नहीं रहे हैं. हम गांव में किसानों से मिल रहे हैं. उन्हें नए कृषि कानूनों के बारे में समझा रहे हैं.
किसान आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए किसान नेता कोशिशों में लगे हुए हैं. आंदोलन के 22 दिन हो चुके हैं. मामले की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में हो रही है. किसानों ने दिल्ली के कई रास्तों को बंद किया हुआ है. इतना ही नहीं 14 दिसंबर को ट्रैक्टर ट्राली मार्च भी किया गया. पूरे मामले पर सरकार के साथ किसान नेताओं की कई चर्चाएं हो चुकी हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है. इसी बीच में 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को संबोधित करेंगे ऐसी सूचनाएं मिली हैं. देखना दिलचस्प होगा कि शुक्रवार को पीएम के संबोधन के बाद आंदोलनकारियों का क्या रुख रहता है?

Add Comment