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कोरोना पर कोर्ट ने सरकार को दिया आत्मनिर्भर का मंत्र, जानिए कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को क्या कहा

कोरोना संक्रमण देश मे हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है. देश के बहुत से लोग मदद के लिए आगे आये हैं. विदेशों से भी लगातार मदद मिल रही है. सरकार भी विदेशों आ रही मदद को लोगों की सहायता के लिए इस्तेमाल कर रही है. इसी बीच बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र दिया है.

न्यायालय ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से विदेशी उत्पादकों की दवाओं जैसे- टोसिलीजुमैब, के विकल्प के बारे में जागरूकता पैदा करने को कहा है.
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की एक पीठ ने कहा, टोसिलीजुमैब जैसी दवा की जगह कौन सी दवा का इस्तेमाल किया जाये सरकार को यह बताना चाहिए. उच्च न्यायालय ने कहा, “भारत सरकार ने ऑन रिकॉर्ड यह मत व्यक्त किया है कि इटोलीजुमैब, डेक्सामेथासोन और मिथाइलप्रेडनीसोलोन दवाएं टोसिलीजुमैब के समकक्ष हैं या बेहतर हैं.

न्यायालय ने सरकार को आम जनता की धारण बदलने का प्रयास की सलाह दी. कोविड-19 के मरीजों को आराम मिल सकता है. अदालत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि लोगों को आयातित दवाओं पर अत्यधिक निर्भरता से बचना चाहिए. अदालत ने यह भी कहा कि जीवन रक्षक दवाओं से लाभ ना बनायें.

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Prakash Pandey

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