प्रयागराज/उत्तर प्रदेश. देश में महामारी के चलते अजीबो गरीब किस्से जहां सामने आ रहे हैं वही भावुक कर देने वाली तस्वीरें भी मन को विचलित कर देती हैं. ऐसा संकट जिसका अंदाजा भी लगाना मुश्किल है. सरकार जरूरतमंदों की मदद करने को कोशिशें कर रही है इसके साथ ही आम जनता भी कोई भूखा ना सोए इसके लिए हर पल मदद करते हुए देखी जा रही हैं.
इन तमाम परिस्थितियों के बीच प्रयागराज से जो तस्वीर निकल कर आई है वह आपको ना केवल प्रेरणा देगी बल्कि 80 साल के बुजुर्ग दंपत्ति को सैल्यूट करने पर मजबूर कर देगी. दरअसल प्रयागराज के नैनी में एडीए कॉलोनी मैं रहने वाले भगीरथ मिश्रा 80 वर्ष और उनकी पत्नी पुष्पा मिश्रा 77 वर्ष ने अपने अंतिम संस्कार के लिए जमा किए पैसे दान कर दिए. दो लाख की रकम दंपत्ति ने अपने कोई संतान ना होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए रखे थे लेकिन सेवा का ऐसा जज्बा जागा कि दोनों ने फैसला करके दो लाख रुपए दान कर दिये.
भगीरथ मिश्रा और उनका बैकग्राउंड
प्रयागराज निवासी भागीरथ मिश्रा मूलरूप से बिहार के दरभंगा जिले के हिज़री गांव के निवासी हैं. सीओडी ऑफिस में नौकरी मिलने और प्रयागराज तबादला होने के बाद यहीं बस गए. सीओडी छिवकी से ऑफिस सुपरीटेंडेंट पद से रिटायर हुए. कोई संतान और खास परिजन ना होने के चलते बुजुर्ग दंपत्ति अकेले ही रहते हैं. जीवन के बाद एक दूसरे की मदद के रूप में उन्होंने रिटायरमेंट के बाद मिले पैसों को पंजाब नेशनल बैंक में जमा कर दिया जिसके ब्याज और पेंशन से बुजुर्ग दंपत्ति का खर्च चलता है. दोनों का एक ज्वाइंट अकाउंट है जिसमें दोनों ने दो लाख रुपए जमा किए थे ताकि किसी भी एक के साथ अनहोनी होने पर दूसरा उन पैसों से अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कर सके.
लेकिन भगीरथ मिश्र ने दो लाख रुपये अपनी पत्नी की सहमति से प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कर दिए.
क्यों किया दान?
भगीरथ मिश्र ने एक दिन समाचार पत्र में एक बच्ची की खबर पढ़ी. खबर के मुताबिक बच्ची ने गुल्लक फोड़ कर 438 रुपए कोरोना की लड़ाई में प्रधानमंत्री केयर फंड में दान दे दिए. भगीरथ कहते हैं कि वह उस बच्ची से बड़े प्रभावित हुए और अपनी पत्नी की सहमति से उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए जमा किए हुए दो लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में दान कर दिए. बैंक ड्राफ्ट बनाते हुए गलती के चलते एक लाख रुपए प्रधानमंत्री केयर फंड और एक लाख मुख्यमंत्री राहत कोष में उन्होंने ट्रांसफर करवा दिए.
दान के बाद क्या कहते हैं बुजुर्ग दंपत्ति
दो लाख रुपए दान करने के बाद बुजुर्ग दंपत्ति खुश हैं और उन्होंने कहा कि दान करने के बाद उन्हें बड़ी संतुष्टि मिली. उन्होंने मासूम बच्ची का धन्यवाद किया जिसने अपने 438 रुपए पीएम केयर फंड में डोनेट किए थे. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आप सक्षम है तो आप भी जरूर दान कीजिए. आगे की जिंदगी के बारे में भगीरथ मिश्र कहते हैं कि पेंशन से घर का खर्च चल जाता है आगे जैसा प्रभु चाहे.





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