लखनऊ. कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन प्रवासी मजदूरों को ढोने वाली सवारियां और बाइकों से या पैदल एक स्थान से दूसरे स्थान पर श्रमिकों के जाने पर समीक्षा बैठक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को ट्रक या किसी अन्य असुरक्षित वाहनों से सवारी ढोने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं.
लोक भवन में शुक्रवार को समीक्षा बैठक कर रहे सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा
“राज्य सरकार श्रमिकों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार व्यवस्था कर रही है. सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रवासी कामगारों श्रमिकों के प्रति सहानुभूति पूर्ण रवैया अपनाते हुए इनकी हर संभव मदद करें.”
मुख्यमंत्री ने अपनी बात आगे पूरी करते हुए कहा कि
“प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी श्रमिकों को सबसे पहले पेयजल एवं भोजन उपलब्ध कराया जाए उसके बाद उनकी जांच करके उनके गंतव्य स्थल तक सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से पहुंचाया जाए. प्रवासी श्रमिकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी. इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संबंधित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से संवाद करते हुए उनसे अनुरोध किया जाए कि प्रवासी श्रमिकों कामगारों को ट्रक से ना भेजा जाए बल्कि बस अथवा रेल जैसे सुरक्षित साधनों का उपयोग किया जाए. विभिन्न राज्यों से ट्रेन के माध्यम से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जनपद तक पहुंचाने के लिए आवश्यकतानुसार बसों की व्यवस्था की जाए.”
समीक्षा बैठक को अंतिम छोर तक ले जाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
“संबंधित जिला अधिकारी रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में बसों की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए वहां एक टीम की तैनाती की व्यवस्था भी करें. राज्य सड़क परिवहन निगम में की बसें उपलब्ध ना होने की स्थिति में निजी बस अथवा स्कूली बस आदि का भी प्रयोग करें. बसों के चालक परिचालक सुरक्षाकर्मी आदि के लिए मास्क और सैनिटाइजर की अनिवार्य रूप से व्यवस्था की जाए.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
“बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के आगमन को देखते हुए प्रत्येक केंद्र तथा सामुदायिक रसोई की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए. पृथक केंद्र में किसी भी स्थिति में मांस अथवा मादक द्रव्यों का प्रयोग ना होने पाए. पुलिस की गश्ती को बढ़ाया जाए और लॉक डाउन को सख्ती से लागू किया जाए.”
सीएम ने कहा कि
“अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रवासी श्रमिक पैदल अथवा बाइक से यात्रा न कर पाएं. प्रत्येक जनपद के हर थाना क्षेत्र में एक टीम गठित की जाए जो पैदल अथवा बाइक से यात्रा करने वाले प्रवासी कामगारों और श्रमिकों को फलों के ट्रक और असुरक्षित वाहनों से सवारी ढोने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.”
टिड्डी दल के आगमन पर सीएम ने कहा कि
” राजस्थान की सीमा से लगे प्रदेश के इलाकों में निगरानी और सतर्कता बरती जाए. टिड्डी नियंत्रण गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाने का कार्य भी प्रारंभ किया जाए.”
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