वैश्विक महामारी कोरोना के चलते तकरीबन 1 साल से बंद पड़े स्कूलों में फिर से बच्चों की आवाज सुनने को मिलेगी. इस बाबत सरकार ने आदेश और गाइडलाइन भी जारी कर दिया है. हालांकि, जो गाइडलाइन सरकार ने जारी की है उसके मुताबिक स्कूल भेजने की जिम्मेदारी पूरी तरह से अभिभावकों पर रखी गई है. जिसको लेकर अभिभावकों में नाराजगी भी है.
गाइडलाइन के नियमों को कोई भी स्कूल बमुश्किल ही पूरा कर पाएगा क्योंकि जिस तरह की पाबंदियां सरकार ने लगाई हैं उसे पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है. सरकार नियम बनाती है लेकिन धरातल पर नियमों का पालन देखने में नहीं आता है. अभिभावकों की चिंता का कारण भी यही है. फिलहाल कोरोना के संक्रमण में कमी को देखते हुए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 10 फरवरी से क्लास 6 से 8 तक के School खोलने के निर्देश दिए हैं. वहीं 1 मार्च से कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल के दरवाजों को खोल दिया जाएगा.
किन पर होगा नियमों का असर
स्कूल खोलने को लेकर यूपी सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है उसके बंधन में राज्य के सभी प्राइवेट, प्राइमरी स्कूलों के साथ परिषदीय (Council) और अपर प्राइमरी स्कूल शामिल हैं. हर क्लास में 50 फीसदी स्टूडेंट्स ही मौजूद रहेंगे और सभी बच्चों को मिड-डे मील दिया जाएगा. स्कूलों की कैंटीन को बंद रखने के आदेश हैं.
कक्षाओं के दिन तय (Fixed day for every class)
जान लेना जरूरी है कि सरकार ने हर क्लास के दिन तय किए गए हैं. जिसके मुताबिक
-क्लास 6 के स्टूडेंट्स सोमवार और गुरुवार,
- क्लास 7 के स्टूडेंट्स मंगलवार और शुक्रवार और
- क्लास 8 के स्टूडेंट्स बुधवार और शनिवार को स्कूल जाएंगे.
इसी तरह
- क्लास 1 और 5 के स्टूडेंट्स सोमवार और गुरुवार को,
- क्लास 2 और 4 स्टूडेंट्स मंगलवार और शुक्रवार को और
-क्लास 3 के बुधवार और शनिवार को स्कूल जाएंगे.
संख्या अधिक होने पर 2-2 शिफ्ट में भी होगी क्लास
गाइडलाइन के मुताबिक सभी जिलाधिकारी को भेजे गए निर्देश में साफ कहा गया है कि
-स्कूल खोले जाने पर विद्यालय प्रबंध समिति और टीचर आकस्मिक सुरक्षा (Emergency protection) के लिए जिम्मेदार होंगे.
- जहां स्टूडेंट्स की संख्या ज्यादा है, वहां 2-2 शिफ्ट में क्लास चलाई जाएंगी.
- यदि क्लास का छोटा है तो कंप्यूटर रूम, लाइब्रेरी, लैबोरेटरी आदि का इस्तेमाल क्लास के तौर पर किया जाएगा.
मिड डे मील का होगा वितरण
- सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में मिड-डे मील भी दिया जाएगा.
- वहीं खाना बांटने से पहले स्टूडेंट्स के बीच डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए साबुन से हाथ धुलवाया जाएगा.
- स्कूलों की कैंटीन बंद रहेगी और बाहरी खाने-पीने के सामान को भी बेचने से रोका जाएगा.

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