दिल्ली में पटाखों के प्रतिबंधित होने का असर उत्तर प्रदेश में भी अब दिखने लगा है. पटाखों से होने वाले प्रदूषण और उसके नुकसान को देखते हुए दिल्ली सरकार के बाद सहारनपुर मंडल में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन कराने के लिए मंडलायुक्त संजय कुमार ने कुछ खास किस्म के पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है. इतना ही नहीं उच्चतम न्यायालय के आदेशों का सख्ती से अनुपालन कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. आदेशों की अवहेलना पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी मंडलायुक्त ने जारी किए हैं.
इन क्षेत्रों में पटाखों को न चलाने के निर्देश
मंडलायुक्त संजय कुमार ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण नियम 2020 के तहत अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थल और अन्य क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे को साइलेंट जोन घोषित किया गया है. इन स्थानों पर पटाखे चलाने की सख्त मनाई है.
अधिकारियों को सख्त निर्देश
सहारनपुर कमिश्नर संजय कुमार ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के लिए कहा है. उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में पटाखा निर्माण करने वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के संबंधित अधिकारी को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की लिखित कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. कमिश्नर ने जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा और निजी विद्यालयों के संगठनों के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभाव के संबंध में जानकारी देने के लिए भी कहा है.
सहारनपुर में क्यों लागू हुआ यह आदेश
दरअसल, न्यायालय के निर्णय के मुताबिक उत्तर प्रदेश के एनसीआर में शामिल जिले मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, बागपत, हापुड, शामली में उच्चतम न्यायालय द्वारा पारी आदेश में उल्लेखित reduced emission(improve crackers) तथा green crackers जिसका निर्णय के प्रस्तर 41 में उल्लिखित suggestions II oIII में वर्णित है, केवल उन्हीं को बेचने की अनुमति होगी.
आसान भाषा मे कौन से पटाखे नही बिकेंगे
अगर आसान भाषा में प्रतिबंधित पटाखों की बात करें तो एंटीमनी, लिथियम, मरकरी, आर्सेनिक, लेड कंपाउंड या स्ट्रांसियंम क्रोमेट या बेरियम साल्ट का प्रयोग किए जाने वाले पटाखों का पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा.
ऑनलाइन बिक्री और खुली बिक्री के नियम भी तय
कमिश्नर संजय कुमार ने ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है. विस्फोटक नियम 2008 के नियम 15 का तथा त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के कब्जे और विक्रय के लिए अस्थाई दुकानों के संबंध में विस्फोटक नियम 2008 के नियम 84 के प्रावधानों के कड़ाई से अनुपालन के लिए कहा गया है. मंडलायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि लाइसेंस धारक आदेशों का अध्ययन करेंगे और हर उस काम से बचने की कोशिश करेंगे जिसमें उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना हो.
विदेशी मूल के पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक
मंडलायुक्त ने उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए लाइसेंस निर्गत करने के नियमों का भी उल्लेख किया. उन्होंने अधिकारियों को कहा कि लाइसेंस जारी करते समय शर्त जोड़ी जाए कि “लाइसेंस धारी के पास विदेशी मूल के पटाखों की बिक्री नहीं होगी.”
अधिकारियों को सख्ती बरतने के आदेश
कमिश्नर संजय कुमार ने तीनों जनपदों मुजफ्फरनगर, सहारनपुर शामली के जिलाधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के कड़ाई से पालन कराए जाने के निर्देश दिए हैं.

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