फल और सब्जी के शौकीन लोगों के लिए यह खबर बहुत जरूरी है. अमूमन चिकनी और साफ दिखने वाली सब्जियां और फल जहरीले होते हैं. कई बार इनके चमक और चिकनापन इतना मन को भाता है कि ना चाहते हुए भी लोग इन्हें खरीद लेते हैं. इस सोच के साथ कि आप ताजी और अच्छी सब्जी खरीद रहे हैं. एक बड़ी गलती को भी कर लेते हैं. इसके पीछे का कारण हैरान करने वाला है. दरअसल, सब्जियों और फलों की चमक नकली होती है. इनको चमकाने के लिए ऐसी चीजों का इस्तेमाल होता है जो सेहत को सीधे सीधे प्रभावित करती हैं. आज सेहतनामा में जानिए चमकदार दिखने वाली सब्जी का आपकी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है?
फलों की चमक कैसे बनाई जाती है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक फलों और सब्जियों को केमिकल और डाई के साथ रंगा जाता है. मकेलाइट नाम का यह केमिकल हरी सब्जियों को चमकाता है. लेकिन कैंसर को निमंत्रण देता है.
एकदम लाल और मीठे दिखने वाले तरबूज में शुगर का इंजेक्शन लगाया जाता है. इसमें इरेथ्रोसिन नाम का केमिकल तरबूज की लाली बढ़ाने के लिए डाला जाता है जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक है.
चमकदार सेब और कई फलों पर वैक्स या मोम लगाया जाता है. कई बार यह मोम खाने वाला नहीं होता. संतरे का जूस आर्टिफिशियल कलर डालकर बनता है जो खाने लायक नहीं होता.
पपीता, केला और आम पकाने के लिए कैलशियम कार्बाईड नाम के केमिकल का प्रयोग होता है जिसके चलते फल जल्दी पक जाता है. कैल्शियम कार्बाइड पटाखे बनाने में भी प्रयोग किया जाता है जो शरीर के लिए नुकसानदायक है.
इन सावधानियों से जीवन का करें बचाव
फल और हरी सब्जियां खरीदते समय सावधानी रखनी जरूरी है. ऊपर दिए नुकसान को पढ़ने के बाद आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि फिर सही फल और सब्जियों की पहचान कैसे होगी तो इसका जवाब है कि
हमेशा लोकल या क्षेत्रीय फल और सब्जियां खाएं.
रीजनल सब्जियों को खाने में सबसे ज्यादा प्रयोग करें.
ऑफ सीजन की सब्जियां या विदेशी फल खाने से पहले जान लीजिए कि सबको थोड़ा सा रंग या मोम लगाकर ठीक किया जाता है जिससे वह खराब ना हो.
बहुत सुंदर और एक जैसे रंग दिखाई देने का मतलब साफ है कि फलों और सब्जियों के साथ छेड़छाड़ की गई है.
फल या सब्जी को ब्लड से खुरचने पर मोम का पता चल जाता है. अगर वह निकल रहा है तो इसका मतलब है कि खाने वाला मोम या वैक्स सब्जी में या फल में नहीं लगाया गया है.
घर लाने के बाद फल और सब्जियों को तकरीबन 30 मिनट तक नमक और सफेद सिरके के पानी में भिगोकर रख दीजिए. फलों पर रंग लगे होने पर वह पानी में आ जाएगा.
आप सब्जियां, फल को गीले कपड़े से पोंछ कर भी उसमें लगे रंग का पता लगा सकते हैं. अगर रंग नहीं लगा है तो सब्जी ठीक है.
सही सब्जियों और खाना खरीदने से लेकर स्टोर करने तक के बारे में फूड कंट्रोल बोर्ड FSSAI ने एक पिंक बुक जारी की है. यह ऑनलाइन है. डाउनलोड करने पर आपको पता चल जाएगा कि कौन सी सब्जियां लेनी चाहिए और खाना खाने का क्या तरीका होना चाहिए?





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