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जीवनभर BP की दवाई नही खाना चाहते हैं तो पढ़ लीजिए यह ख़बर

बीपी को लेकर आप दिन में कई बार सुन सकते हैं. किसी का बीपी हाई तो किसी का बीपी लो. बीपी यानी ब्लड प्रेशर हाई है तो सलाह मिलती है कम नमक खाओ और लो है तो सलाह मिलती है नमक की मात्रा बढ़ाओ. यानी कुल मिलाकर पूरे मामले पर कन्फ्यूजन ही है. ब्लड प्रेशर को लेकर क्या करना चाहिए और क्या नहीं इस कंफ्यूजन को हमने दूर करने के लिए डॉ अमित चौहान से जानकारी ली. आपके साथ भी ताजा कर रहे हैं.

ब्लड प्रेशर है क्या

शरीर के अंदर की खून की नली के प्रवाह को नापने पर जो नंबर आता है वही ब्लड प्रेशर कहलाता है. जो 2 तरीके का होता है पहला लो ब्लड प्रेशर और दूसरा हाई ब्लड प्रेशर.

लो ब्लड प्रेशर के क्या मायने हैं

बीपी नापने पर अगर आपका नंबर 100/60 आता है तो आपका बीपी लो है. बीपी लो होने के कारण में बहुत समय से भूख, डायरिया, डिहाईड्रेशन और एनीमिया आते हैं.

लक्षण क्या हैं?

अगर बीपी लो है तो आपको चक्कर आएगा. बेहोशी हो सकती है. लेटे हुए हैं तो उठकर चक्कर आएगा या फिर अंधेरा सा भी लगता है.

लो बीपी का इलाज क्या है?

अगर बीपी लो है तो ऐसी स्थिति में लेट कर पैरों को थोड़ा उठाना है. ऐसा करने से हार्ट से जो ब्लड सप्लाई ब्रेन को मिलना था वह कम हो जाएगा जिसके कारण ब्रेन टिशु डैमेज होना शुरू हो जाएगा.
सर को नीचे और पैर को ऊपर करने से दिमाग को मिलने वाला ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई मेंटेन रहते हैं. इसके बाद भी अगर थोड़ी देर में राहत नहीं मिलती तो तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

लो बीपी वालों को क्या खाना चाहिए?

  • लो बीपी की बड़ी वजह शरीर में लिक्विड और पानी की कमी माना जाता है.
  • दिन में कम से कम 2 लीटर पानी जरूर पिएं.
  • पूरे दिन में फ्रेश फ्रूट जूस या सूप कम से कम 1 लीटर जरूर लें.
  • खाने में बैलेंस रखें जैसे रोटी, सब्जी, दाल, चावल, दही जरूर लें.
  • खाने में बहुत अधिक अंतर नहीं होना चाहिए. थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ ना कुछ खाते पीते रहना चाहिए जिससे आपका बीपी मेंटेन रहे.
  • तंबाकू सिगरेट शराब से बचने की सलाह है.

हाई ब्लड प्रेशर के क्या मायने हैं?

खून के दबाव की मात्रा अधिक होने को ही हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं. यानी सिस्टोलिक 130 से ज्यादा और डिस्टिक 90 एमएम एचजी से ऊपर है तो यह हाई बीपी का फर्स्ट स्टेज है. इसे फ्री हाइपरटेंशन बोलते हैं और आपको हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है या मान लिया जाता है.

क्यों होता है बीपी हाई

ओवरवेट, ज्यादा स्ट्रेस लेना, अनुवांशिक और आज कल का दैनिक दिनचर्या हाई ब्लड प्रेशर के लिए जिम्मेदार हैं.

इलाज क्या है?

बीपी हाई होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के बाद उस दवा को यह सलाह को फॉलो करना चाहिए. एक बार भी कोई भी बीपी की दवा शुरू हो गई तो आपको उसे पूरे जीवन नहीं छोड़ना है. अगर दवा बीच में छोड़ी तो आपको स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और पैरालिसिस जैसी समस्या हो सकती है.

हाई बीपी वालों को क्या खाना चाहिए

जिन लोगों को हाई बीपी की प्रॉब्लम हो उन्हें खाने में नमक का इस्तेमाल कम करना चाहिए.

  • अगर कम नमक की वजह से जायका नहीं आ रहा है तो खाने में आमचूर, विनेगर, इमली का पल्प, नींबू का रस और कोकम का जूस वगैरह डाल सकते हैं.
  • रोज एक्सरसाइज कम से कम 45 मिनट तक करना चाहिए.
  • नॉन वेजिटेरियन है तो अंडा, चिकन और मछली खा सकते हैं.
  • हर तरह की दाल खाना चाहिए जिसमें प्रोटीन ज्यादा हो. मिल्क पनीर और दही का प्रयोग करना चाहिए.
  • फैटी खाने से बचना चाहिए जैसे रेडी टू ईट, पैकेट फूड, क्रीम, बटर और बेकरी बगैरा से बचना चाहिए.
  • अधिक पोटेशियम वाले चीजों को खाने से बीपी कंट्रोल होता है. इसलिए फल और सब्जियां ज्यादा खाएं.

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Prakash Pandey

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