बोल वचन खास

Saharanpur: एक्शन में DM, 5 अप्रैल तक लगा दी पाबंदियां, जानिए आसान शब्दों में सटीक जानकारी

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर. जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने सीआरपीसी की धारा 144 से मिले अधिकारों का प्रयोग किया है. जिलाधिकारी ने जिले में 5 अप्रैल 2021 तक निषेधाज्ञा यानी धारा 144 लागू कर दिया है. जिलाधिकारी के निर्णय के पीछे त्योहार, परीक्षा, कोरोना, और किसान प्रदर्शन के कारण सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना है. गौरतलब है कि आने वाले समय में बसंत पंचमी, मोहम्मद हज़रत अली का जन्म दिवस, संत रविदास जयंती, महाशिवरात्रि, होलिका दहन, होली, शबे बारात, जैसे बड़े त्योहार हैं. इतना ही नहीं जहां किसानों के आंदोलन के साथ साथ कोरोना का खतरा है वहीं अलग अलग विभागों के चयन के लिए होने वाली परीक्षा और चुनाव भी हैं. इन सबको बिना दिक्कत के संपन्न करवाने के लिए जिलाधिकारी ने धारा 144 का एकपक्षीय फैसला लिया है.

क्या कहा जिलाधिकारी ने

अपने आदेश में जिलाधिकारी ने त्योहारों, किसान आंदोलन और कोरोना संकट के बीच असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने का अंदेशा जताया है. उन्होंने कहा है कि उन्हें ऐसी सूचना मिली है कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब कर सकते हैं लिहाजा जिले में सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखने के लिए, शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए धारा 144 लगाना जरूरी है. जिलाधिकारी के निषेधाज्ञा कानून के बाद आम जनजीवन पर इसका क्या क्या प्रभाव होगा आसान शब्दों में आपके पास तक पहुंचा रहे हैं.

धारा 144 लगने के बाद किन-किन बातों पर लग गई पाबंदी

- कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के व्यक्ति से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के बिना नहीं रहेगा. ऐसे स्थान पर बिना मास्क रहने पर परिसर के स्वामी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे बंद करा दिया जाएगा.

कोविड-19 की रोकथाम के दिशा निर्देशों का पालन जरूरी होगा.

सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट या किसी और माध्यम से अफवाह, दुष्प्रचार, नकारात्मक प्रचार फैलाने पर रोक रहेगी.

धार्मिक एकता को प्रभावित करने वाले विचारों को प्रतिबंधित किया गया है.

कोविड-19 के नियंत्रण के प्रयास को भी प्रभावित करने वाले विचारों पर रोक लगाई गई है.

अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक आदि में भीड़ पर रोक होगी. मरीजों को भी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के नियमों का पालन करना जरूरी होगा.

त्योहार या किसी प्रकार के उत्सव में जुलूस, सभा, मजलिस, समारोह आदि पर बिना अनुमति रोक रहेगी.

मूर्ति स्थापना, रथ मूर्ति यात्रा, बिना अनुमति के नहीं निकाली जा सकेगी.

सार्वजनिक स्थल पर 4 या 4 से अधिक लोगों के एक साथ खड़े होने पर प्रतिबंध होगा.

बिना अनुमति के धरना, जुलूस, प्रदर्शन सभी पर रोक होगी.

गांव नगर मोहल्ले में जातीय हिंसा व अन्य विवाद पैदा होने वाले किसी भी काम को करने का प्रतिबंध रहेगा.

ऐसे लोगों पर जिनके जाने से गांव या मोहल्ले का माहौल बिगड़े या तनाव की स्थिति हो रोक रहेगी.

धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस, सभा आदि के लिए सक्षम अधिकारी प्राधिकारी, उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट/ अपर जिला मजिस्ट्रेट/ जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी.

ऐसे लोगों को जिनसे सांप्रदायिक सद्भाव और एकता पर कुप्रभाव पड़ता हो, को प्रतिबंधित किया गया है.

जिले भर में शस्त्र लेकर भ्रमण और शस्त्रों के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है जिनमें लाठी, डंडा, छड़ी, नुकीले और धारदार हथियार, चाकू, भाला, त्रिशूल, बरछी, तलवार, छुरा व अन्य शस्त्र या विस्फोटक सामग्री जैसे पटाका राकेट पर भी रोक है.

बुजुर्ग व्यक्ति जो लाठी डंडा लेकर या विकलांग व्यक्ति जो किसी सहारे या पुलिसकर्मी जो शस्त्र धारण करते हैं उन्हें इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है.

ऐसी सामग्री जिससे नुकसान होता है इसे इकट्ठा करना और स्टोर करने पर प्रतिबंध रहेगा.

सार्वजनिक स्थल पर या अपने छत पर कोई भी व्यक्ति के पत्थर, कांच की बोतल, सोडा वाटर की बोतल या ज्वलनशील पदार्थ इकट्ठा नहीं करेगा ना ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा.

पेट्रोल पंप मालिक और खुदरा विक्रेता पेट्रोल और डीजल की बिक्री वाहन के अलावा नहीं की जाएगी.

परीक्षार्थियों/अभ्यर्थियों और परीक्षा में लगे अधिकारियों/ कर्मचारियों के अलावा परीक्षा केंद्र के 200 गज के दायरे में 4 से अधिक व्यक्ति किसी भी स्थान पर ना तो एकत्रित होंगे ना घूमेंगे.

अनुचित प्रिंटिंग, फोटोस्टेट तथा अवैध प्रकाशन करने पर प्रतिबंध होगा.

जनपद के बाहर के पशु अवशेष, हड्डियां और चर्बी लेकर जन स्वास्थ्य के चलते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए आने वाले वाहन अथवा किसी भी साधन से आने वाले को प्रतिबंधित किया गया है.

पॉलीथिन, प्लास्टिक के प्रयोग की मनाही है.

होटल/धर्मशाला के प्रबंधक और मालिक को कमरा देने से पहले पहचान सुनिश्चित करनी होगी.

अस्पताल, छात्रावास, परीक्षा केंद्रों के आसपास तेज आवाज में बाजा बजाने पर रोक होगी. सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया पर सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले प्रकाशन पर रोक लगाई गई है.

सार्वजनिक स्थल पर शराब और नशीले पदार्थों के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध किया गया है.

जिलाधिकारी के आदेश का प्रचार कैसे होगा?

जिलाधिकारी के धारा 144 के प्रचार प्रसार के लिए कलेक्ट्रेट के सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट के न्यायालय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय, पुलिस थाना कार्यालय और तहसील मुख्यालयों के कार्यालयों के साथ अन्य कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर आदेश को चस्पा कराया जाएगा. आदेश के प्रवर्तन की जिम्मेदारी पुलिस विभाग/ एसएसपी या फिर उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी की होगी.

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Follow us @ social media

Follow us @ Facebook

विविध