आमतौर पर दुपहिया वाहन पर लिमिट से अधिक सवारी बैठे हुए आप अक्सर देखते हैं. यातायात पुलिस और नागरिक पुलिस चालान भी करती है. लेकिन नया मामला मोतिहारी से सामने आया है जिसे देखकर पुलिस वाले ने भी हाथ जोड़ लिए.
दरअसल, मोतिहारी जिले से सामने आ रही तस्वीर में एक पुलिस वाला बाइक पर बैठे लोगों के आगे हाथ जोड़कर खड़ा हो गया. कारण था बाइक पर सवार 7. इतना ही नहीं उन्होंने कुछ बैग भी बाइक पर टांगे हुए थे. बाइक पर इतने लोगों को देखकर ट्रैफिक पुलिस वाले ने बाइक चालक को रोका और हाथ जोड़कर सभी को सुरक्षा के नियम बताए. इस दौरान वहां खड़े किसी व्यक्ति ने तस्वीर खींच ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, बाइक पर अधिकतम दो सवारी को बैठने की इजाजत दी जाती है. लेकिन मोतिहारी जिले के ढाका चौक पर एएसआई चंदन कुमार ने ड्यूटी के दौरान जिस बाइक सवार को रोका वह अपनी पत्नी और 5 बच्चों को को लेकर बाइक चला रहा था. साथ में कुछ बैग भी बाइक पर टांगे हुए थे. बाइक के रुकते ही आसपास के लोग हैरानी से देखते हुए बाइक पर बैठे लोगों को गिनने लगे. इसी दौरान एएसआई चंदन कुमार हाथ जोड़कर बाइक सवार के सामने खड़े हो गए और बताया कि ऐसा करने से आपके परिवार की जान खतरे में पड़ सकती है. हालांकि बिना करवाई के बाइक सवार को हिदायत देकर छोड़ दिया गया.
बाइक पर बैठाने के लिए भारत में क्या है कानून
खबर पढ़ने के बाद आपके मन में सवाल जरूर उठा होगा कि बाइक पर बच्चों को बैठाने और सामान टांगने के लिए संबंधित कोई नियम है क्या? तो जवाब जान लीजिए. वाहनों से संबंधित कानून को मोटर व्हीकल एक्ट कहा जाता है. एक्ट के मुताबिक दोपहिया वाहन जैसे स्कूटी मोटरसाइकिल आदि पर 2 लोगों से अधिक को बैठाने की इजाजत नहीं है. यानि कहने का मतलब है एक चालक और एक सवार इसके साथ ही दोनों के लिए हेलमेट लगाना भी अनिवार्य है. इसके साथ ही बाइक पर कोई सामान नहीं होना चाहिए क्योंकि समान होने की स्थिति में बैलेंस बिगड़ने का खतरा रहता है. लेकिन बाइक पर लोग बच्चों के साथ बैठे दिखते हैं. महिलाएं गोद में बच्चा लिए बैठे नजर आती है. ऐसे में जानना जरूरी है कि क्या यह मोटरसाइकिल एक्ट का उल्लंघन है या फिर यह कानून के दायरे से बाहर है.
आमतौर पर कंपनियां 200 से 300 किलो तक वजन उठाने की क्षमता वाली बाइक भारत मे बनाती या भेजती हैं. मोटर बाइक साइकिल एक्ट के मुताबिक बाइक को 2 सीटर साधन माना गया है. दो सवारी से ज्यादा दुपहिया वाहन पर बैठने पर ₹2000 का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया गया लेकिन दुपहिया वाहन पर बच्चों को बिठाने के लिए कोई गाइडलाइन नहीं बनाई. ऐसे में बच्चे को सवारी ही माना जाएगा.

Add Comment