उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर. किसान आंदोलन के बीच अचानक एक बार फिर मुजफ्फरनगर चर्चा में है. चर्चा आंदोलन की, किसी पंचायत की या कोई घटना की नहीं बल्कि चर्चा का विषय है मुजफ्फरनगर की जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी. सेल्वा कुमारी की भैंसा बुग्गी चलाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है जिसे खुद जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है. रविवार के दिन महिला दिवस से ठीक 1 दिन पहले जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने भैंसा बुग्गी या देसी भाषा में कहें तो झोटा बुग्गी की सवारी की.
हाथ में भैंस की लगाम थामे बुग्गी पर बैठी जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने इस सवारी का मजा अपनी बेटी को भी दिलवाया. अलग मूड में दिख रही जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने इसके पीछे अपनी पुरानी इच्छा के पूरी होने की बात कही है. जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो पोस्ट की और उसके साथ लिखा कि
मुजफ्फरनगर पोस्टिंग होने के बाद पिछले डेढ़ वर्ष से वह खुद बुग्गी को चला कर देखना चाहती थी, आज का इच्छा पूरी हुई.
चर्चा में बुग्गी भी है. जिलाधिकारी आवास के बाहर मेरठ रोड पर कुछ दूर तक बुग्गी की सवारी करने के बाद मन नहीं भरा तो डीएम आवास में भी उन्होंने काफी देर तक बुग्गी चलाई. डीएम की इस तस्वीर पर कमेंट के साथ-साथ खूब रिट्वीट भी हो रहे हैं.
क्यों की बुग्गी की सवारी, क्या कहती हैं जिलाधिकारी?
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जयराजन ने बुग्गी चलाने के पीछे कारण बताते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर पोस्टिंग के बाद गांव की योजनाओं के निरीक्षण के लिए जब वह निकली तो लोगों को भैंसा बुग्गी चलाते देखा जिसके बाद उनके मन में भैंसा बुग्गी चलाने की इच्छा जाग गई. भैंसा बुग्गी की सवारी के अनुभव के बारे में जिलाधिकारी ने कहा कि बहुत सुकून देने वाली सवारी रही.

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