दिल्ली हाईकोर्ट ने राजनेताओं और अधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी की है. एमसीडी कर्मचारियों के वेतन भुगतान न करने को लेकर नगर निगम और अधिकारियों को खरी-खरी सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामलों में नेताओं और अधिकारियों की पिटाई हो जाए तो उससे कोई हैरानी नहीं होगी. दिल्ली हाई कोर्ट एमसीडी के रुके वेतन के भुगतान पर सुनवाई कर रहा था.
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रेखा पल्ली की पीठ ने एमसीडी कर्मचारियों को वेतन मामले में सुनवाई करते हुए राजनेताओं द्वारा दिए गए गैर जिम्मेदाराना बयानों पर अपनी नाराजगी जताई. न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा,” लोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सभी तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं. भले ही इससे समाज को और लोगों को कितना नुकसान हो रहा है.” इसके साथ ही कोर्ट ने जल्द ही वेतन और पेंशन का भुगतान करने के आदेश दिए. इस वेतन भुगतान में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्ता भी शामिल हैं.
जान लेना महत्वपूर्ण है कि न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रेखा पल्ली की पीठ दिल्ली नगर निगम और विशेष रूप से उत्तर दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. धन की कमी पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह केवल बहाना है और वेतन पाने का अधिकार भारत के संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को 2 सप्ताह के भीतर भुगतान करने के निर्देश भी दिए.
गौरतलब है कि अक्सर राजनेताओं की टिप्पणियां समाज के लिए घातक सिद्ध हो जाती हैं. ऐसे में हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी भले ही एमसीडी के मामले पर की हो लेकिन इसके मायने दूर तक होंगे.

Add Comment