कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक वरिष्ठ चिकित्सक कोरोना टेस्ट करवाने के बाद सिटी वैल्यू जरूर पूछने के लिए सलाह दे रहे हैं. चिकित्सक इसके पीछे का कारण भी बता रहे हैं.
पूरा विश्व के संक्रमण के आगे अभी तक लाचार दिखाई दे रहा है. कोई भी प्रमाणिक वैक्सीन या दवाई अभी तक सामने नहीं आई है लेकिन आए दिन कोरोनावायरस से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं.अब एक नई जानकारी सामने आई है. यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के शरीर में सिटी वैल्यू 24 से ज्यादा है तो उससे किसी को संक्रमण नहीं फैलेगा. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मामलों के बीच यह जानकारी राहत भरी है.
क्या है सीटी वैल्यू, और क्यों जानना जरूरी है
कोरोना संक्रमित व्यक्ति को जरूर जानना चाहिए कि उसकी सिटी वैल्यू कितनी है. सिटी वैल्यू यानी विषाणु की मात्रा. दरअसल यह जानकारी आपको इसलिए जान लेनी चाहिए क्योंकि यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के शरीर में विषाणु की मात्रा ना के बराबर हो तो उससे संक्रमण का खतरा नहीं है. ऐसे बहुत से केस सामने आए हैं जिनमें विषाणु की मात्रा या तो ना के बराबर से शरीर में विषाणु मृत अवस्था में थे.
डॉक्टर के के अग्रवाल ने दुनिया को बता दिया सिटी वैल्यू का वैल्यू
सिटी वैल्यू के बारे में जानना बहुत जरूरी है. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के डॉक्टर के के अग्रवाल के मुताबिक “कोरोनावायरस के लक्षण दिखने के बाद जब आप अपना आरटी पीसीआर जांच करवाएं तो अपनी सीट वैल्यू जरूर पूछें. ऐसा संभव है कि लैब आप की रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं करती लेकिन जब आप पूछेंगे तो वह बताने को मजबूर हो जाएंगे. अगर आप किसी सीटी वैल्यू 24 से ज्यादा है तो इसका मतलब है कि आपको संक्रमण फैलने का खतरा ना के बराबर है जबकि कम है तो संक्रमण की दृष्टि से आप ज्यादा खतरनाक हैं.
डॉक्टर से पूछे कि आप खतरे से बाहर हैं
संक्रमण की स्थिति में अगर सिटी वैल्यू 24 आ रही है तो यह संक्रमण दूसरे लोगों में नहीं फैलेगा और इससे होने वाला खतरा भी कम रहेगा. ऐसी स्थिति में जरूर पूछना चाहिए.
सुरक्षा तो 24 से ज्यादा सीटें वैल्यू वालों के लिए भी जरूरी है
किसी का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव है और सिटी वैल्यू भी 24 से ज्यादा है तब भी एतिहात के साथ रहने की जरूरत है. यूरोपीयन जर्नल आफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इनफेक्शियस डिजीज में हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई जिसमें कहा गया है कि 33-34 से ऊपर सिटी वैल्यू वाले संक्रमण नहीं है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे देनी चाहिए. इसमें मतभेद की स्थितियां भी है. कुछ विशेषज्ञ सिटी वैल्यू के आधार पर मरीजों की छुट्टी के पक्ष में नहीं है. उनका कहना है कि सिटी वैल्यू और कोरोनावायरस संबंधों में अभी और अध्ययन की जरूरत है. वैल्यू करने का मतलब यह कतई नहीं है कि सुरक्षा के नियमों का पालन ना किया जाए.
अलग-अलग तरीकों से संक्रमित करता है कोरोना
विशेषज्ञों की माने तो कोरोना लोगों को अलग अलग तरीके से संक्रमित करता है. कुछ मरीजों पर इसका प्रभाव होता है तो कुछ पर कम. यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज की मात्रा कितनी है. कुछ ऐसे भी केस देखने में आए हैं जहां मरीजों में वायरस मृत अवस्था में मिला था.

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