लखनऊ : वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर की रफ़्तार को थामने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 31 मई, 2021 की सुबह सात बजे तक बढ़ा दिया गया है. शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया. जान लेना जरूरी है कि राज्य में 30 अप्रैल 2021 से ही कोरोना कर्फ्यू चल रहा है. प्रदेश सरकार ने चौथी बार अपने फैसले को रिव्यू किया है. सरकार के कोरोना कर्फ्यू को फिर से बढ़ाये जाने के बाद अब राज्य में कुल एक महीने का कर्फ्यू हो जाएगा.
मुख्यमंत्री ने क्या कारण बताया
कोरोना कर्फ्यू की मियाद को बढ़ाने वाले फैसले पर जानकारी देंते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है. इसी के मद्देनजर कर्फ्यू की अवधि को बढ़ाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार हर हाल में 30 मई तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण को काबू में लाने की कोशिश में है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि
“प्रदेशवासियों की ओर से भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है. एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं. ऐसे में 31 मई की प्रातः 07 बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू को विस्तार दिए जाने का निर्णय लिया जा रहा है. वैक्सीनेशन, औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल सम्बन्धी कार्य आदि आवश्यक अनिवार्य सेवाएं यथावत जारी रहेंगी. इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी जाएं.”
गरीबों के लिए बड़ा फैसला
प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के चलते आई परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया. सरकार के इस फैसले को 20 मार्च से जमीन पर भी उतार दिया गया है. इस आदेश के बाद, प्रति यूनिट पांच किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमंदों को मिलेगा. इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी.
पिछले शनिवार को अपने आदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हरसंभव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है. उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करनेवाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगानेवाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को एक माह के लिए एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किये जाने के निर्देश भी दिये थे. सरकार के इस फैसले से लगभग एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी.
यूपी में कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक, आंशिक कोरोना कर्फ्यू का असर
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 6046 नए कोरोना (COVID-19) केस मिले हैं. पॉजिटिविटी रेट भी कम हुआ है. अब 1.97 फ़ीसदी पॉजिटिविटी रेट हो गया है. 17540 संक्रमित डिस्चार्ज किए गए है. प्रदेश में रिकवरी रेट 93.2 फ़ीसदी है. आंशिक कोरोना कर्फ्यू का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.




Add Comment