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Uttar pradesh में अब 24 मई तक कोरोना कर्फ्यू, मुख्यमंत्री ने कर्फ्यू आगे बढाने की वजह बतायी, बड़े बदलाव के आदेश

सीएम योगी आदित्यनाथ, फ़ाइल फ़ोटो

लखनऊ : वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर की रफ़्तार को थामने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई, 2021 की सुबह सात बजे तक बढ़ा दिया गया है. शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया गया. जान लेना जरूरी है कि राज्य में 30 अप्रैल 2021 से ही कोरोना कर्फ्यू चल रहा है. प्रदेश सरकार ने 3 बार अपने फैसले को रिव्यू किया है. सरकार के कोरोना कर्फ्यू को फिर से बढ़ाये जाने के बाद अब राज्य में कुल 23 दिन का कर्फ्यू हो जाएगा.

मुख्यमंत्री ने क्या कारण बताया

कोरोना कर्फ्यू की मियाद को बढ़ाने वाले फैसले पर जानकारी देंते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है. इसी के मद्देनजर कर्फ्यू की अवधि को बढ़ाया जा रहा है.

स्वास्थ्य पर क्या बोले सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही कोविड-19 की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है. इसके अलावा, निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कार्य भी प्रदेश में संचालित किया जा रहा है. इसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है.

गरीबों के लिए बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा. इस प्रकार, प्रति यूनिट पांच किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमंदों को मिलेगा. इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी.

रेहड़ी पटरी वालों को 1000

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हरसंभव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है. उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करनेवाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगानेवाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को एक माह के लिए एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किये जाने के निर्देश दिये. इससे लगभग एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी.

बेसिक शिक्षा पर प्रतिबंध जारी रहेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमंदों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाये. आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को यथावत संचालित किया जाये. उन्होंने बेसिक शिक्षा को छोड़ कर, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई, 2021 से ऑनलाइन कक्षा का संचालन प्रारंभ किये जाने के निर्देश दिये.

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Prakash Pandey

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