देश में जल्दी ही 2 साल से लेकर 18 साल तक के उम्र वाले बच्चों को वैक्सिंन देने की योजना है. इस बारे में सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी(SEC) ने मंगलवार को 2 से 18 साल उम्र वालों पर भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है. देश में अभी तक बच्चों के लिए कोई वैक्सीन नहीं थी जिसको लेकर लगातार आवाजें उठ रही थी.
बच्चों के सुरक्षित भविष्य को देखते हुए भारत बायोटेक में सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी के सामने क्लिनिकल ट्रायल की सिफारिश की थी जिसे बाद में मंजूर कर लिया गया. दुनिया भर के सभी देश बच्चों के बचाव को लेकर इस दिशा में काम कर रहे हैं.
कहां-कहां होगा ट्रायल
आधिकारिक सूत्रों की माने तो बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल दिल्ली, पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना मेडिकल साइंस इंस्टीट्यूट समेत विभिन्न स्थानों पर होगा. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की COVID-19 विषय विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को भारत बायोटेक द्वारा प्रस्तुत सिफारिश पर विचार विमर्श करने के बाद यह फैसला लिया. ट्रायल में 2 साल से 18 साल के बच्चों में इम्यूनिटी बढ़ाने और संक्रमण के 525 विषयों का अध्ययन होगा. भारत बायोटेक ने दावा किया था कि सामान्य कोरोना मरीजों पर कोवैक्सीन 78 परसेंट तक असर करती है. एक्सपोर्ट कमेटी ने तीसरे फेज के ट्रायल के लिए सीडीएससीओ से अनुमति लेने से पहले डाटा एंड सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड डीएसएमबी को दूसरे पेज पर सुरक्षा डाटा मुहैया कराने के निर्देश दिया है. जान लेना जरूरी है कि 24 फरवरी को कंपनी के प्रस्ताव के विषय को लेकर बैठक हुई थी. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद आईसीएमआर के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित कोवैक्सीन देश में अभी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगाई जा रही है. कोरोना संक्रमण बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है इसलिए बच्चों के लिए भी वैक्सीनेशन की अनुमति की मांग हुई थी.
अमेरिका और कनाडा में बच्चों के वैक्सीनेशन को मिली अप्रूवल
कोरोना महामारी की तीसरी लहर से आशंकित कनाडा के बाद अमेरिका फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन भी फाइजर बायोंटेक की कोरोना वैक्सीन को 12 से 15 साल के बच्चों में इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दे चुका है. अमेरिका ने कोरोनावायरस से लड़ाई में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. 1 सप्ताह पहले ही कनाडा ने इस दिशा में पहले की थी. हेल्थ कनाडा की चिकित्सा सलाहकार डॉ सुप्रिया शर्मा ने जानकारी दी थी कि 5 मई को कनाडा ने फाईजर की वैक्सीन को 12 से 15 साल के बच्चों का इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अप्रूवल दे दिया था. इससे पहले कनाडा में 16 साल से अधिक उम्र के लोगों पर इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी. उम्मीद लगाई जा रही थी अमेरिका भी इस बारे में फैसला करेगा.
भारत में जारी है कोरोना का टीकाकरण
देश में जनवरी के मध्य महीने से टीकाकरण की अभियान की शुरुआत हुई थी. सबसे पहले चरण में कोरोनावायरस और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीकाकरण किया गया. इसके बाद दूसरे चरण में टीकाकरण के अभियान में 45 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण किया गया. देश में 1 मई से अभियान के तीसरे चरण में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका देने का काम शुरू किया गया है.




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