हैल्दी लाइफ

बिना HRCT Test के भी महज़ 6 मिनट पैदल चलकर पता लगा सकते हैं, आपका फेफड़ा ठीक है या नहीं, Oxygen Level बढ़ाने के जबरजस्त तरीके

कोरोना के लिए सिटी स्कैन करवाने वाले लोगों के लिए राहत भरी ख़बर है. अब कोरोना के मरीज होम आइसोलेशन में रहते हुए भी अपने ऑक्सीजन लेवल की मॉनिटरिंग कर सकते हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य अवस्था में ऑक्सीजन लेवल की माप सही से नहीं हो पाती है. ऑक्सीजन की सही माप का पता छह मिनट चलने के बाद ही लगाया जा सकता है.

यह जानकारी इसलिए भी ख़ास है कि कई लोग बिना वजह के भी सीटी स्कैन (Hrct Test) करवा रहे हैं. दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने इससे कैंसर के होने का खतरा बताया है.

एम्स डायरेक्टर गुलेरिया ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि 1 सीटी स्कैन 300 से 400 एक्स-रे (X-Ray) के बराबर होता है. इसलिए बिना डॉक्टरी से सलाह लिए और जरूरत के बिना ही सीटी स्कैन करवाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

केवल छह मिनट पैदल से ऑक्सीजन लेवल का चल जाएगा पता

विशेषज्ञों के मुताबिक, छह मिनट पैदल चलने के बाद ऑक्सीमीटर से जांच करें. अगर ऑक्सीजन का लेवल 95 के ऊपर है, तो यह मानना चाहिए कि आपका फेफड़ा सही रूप से काम कर रहा है. फेफड़ा को ऑक्सीजन मिल रहा है. जिनका ऑक्सीजन लेवल 95 के नीचे यानी 92 तक आ जाता है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. यह अलार्म है कि आपके फेफड़ा को बाहर से ऑक्सीजन देने की जरूरत है.

बुजुर्ग केवल तीन मिनट चलें पैदल

जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग छह मिनट तक तेज नहीं चल सकते हैं. इसलिए उनका समय तीन मिनट निर्धारित किया गया है. बुजुर्गों को तीन मिनट चलने के बाद पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन की जांच करनी चाहिए. अगर ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम आता है, तो यह खतरे की घंटी है.

कैसे बढ़ेगाऑक्सीजन

किसी मरीज को फेफड़ों में दिक्कत है और ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाना है, तो घर पर ही कुछ उपाय कर सकते हैं. ऐसे रोगियों को कम से कम एक से दो घंटे पेट के बल लेटना चाहिए. ऐसा करने से फेफड़ों को आराम मिलता है व ऑक्सीजन के स्तर में सुधार होता है.

बिना आक्सी मीटर के भी लग सकता है पता

होम आइसोलेशन में रहने वाले वैसे संक्रमित जिनके पास ऑक्सीमीटर नहीं है, तो वे भी ऑक्सीजन लेवल का अनुमान लगा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 50 मीटर की दूरी को कोई व्यक्ति 15 से 17 चक्कर लगा लेता है और सांस फूलने की समस्या व धड़कन तेज होने की समस्या नहीं आती है, तो समझना चाहिए कि उनका फेफड़ा सही है. ऑक्सीजन की दिक्कत नहीं है.

डब्ल्यूएचओ व आइसीएमआर ने की है पुष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) व इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने भी इसकी पुष्टि की है. आइसीएमआर ने गाइडलाइन जारी कर कहा है कि बैठ कर ऑक्सीजन लेवल का सही पता नहीं चलता है. ऐसे में छह मिनट तेज चलने के बाद ऑक्सीजन लेवल की जांच ही सही तरीका है.अस्थमा और धड़कन की बीमारी से पीड़ित मरीज को इसे करने से बचना चाहिए.

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Prakash Pandey

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