कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में वायरस से ठीक होने के बाद भी मरीजों में पोस्ट कोरोना इफेक्ट सामने आ रहा है. इनमें सबसे ज्यादा घातक फंगस इंफेक्शन है. इस बीमारी का नाम म्यूकर माइकोसिस है. दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात के बाद अब इस बीमारी ने उत्तर प्रदेश में दस्तक दी है. लखनऊ में कोरोना संक्रमण से जंग लड़ मरीजों में म्यूकर माइकोसिस के लक्षण मिले हैं. यूपी में अब तक 7 मामले इस बीमारी के आए हैं. सभी का इलाज चल रहा है.
महाराष्ट्र और गुजरात मे कई लोगो को शिकार बना चुका है म्यूकर माइकोसिस
म्यूकर माइकोसिस महाराष्ट्र में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है. दरअसल इस ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस के कारण मरीजों की हड्डियां गलने लगती हैं. केजीएमयू के डॉक्टर के मुताबिक यह संक्रमण से भी फैलता है और काफी घातक होता है. यह शरीर की कोशिकाओं को मारता है और कई अंगों को छतिग्रस्त कर देता है. यहां तक की इससे मरीजों की जान पर भी बन आती है. आंखों की रोशनी के लिए भी म्यूकर माइकोसिस खतरनाक है.
सबसे ज्यादा खतरा डायबिटीज मरीजों को
देश की राजधानी दिल्ली में लोगों को पोस्ट कोरोना इफेक्ट के तौर पर इस बीमारी के लक्षण दिखे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों को इससे ज्यादा खतरा होता है. वजह डायबिटीज के मरीजों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है ऐसे में इस बीमारी के फैलने का खतरा अधिक होता है. फिलहाल तक नाक से लेकर दिमाग तक इसका अधिक असर देखा गया है.
ब्लैक फंगस इंफेक्शन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं. जानकारी के अभाव में लोग डर भी रहे हैं. लोगों को डर है कि ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस के शिकार हो जाएंगे. आंखों की रोशनी चली जाएगी. ऐसे में केंद्र सरकार ने इस बीमारी को लेकर गाइडलाइन जारी की है. रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी वाले लोगों को ब्लैक फंगस का सबसे अधिक खतरा रहता है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 मरीजों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन को लेकर गाइडलाइन जारी की है.
ब्लैक फंगस के लक्षण
आंख नाक के पास दर्द, लाल हो जाना
बुखार आना
सर दर्द होना
लगातार खांसी आना
सांस लेने में दिक्कत होना
उल्टी में खून आना
मानसिक रूप से परेशान
सबसे अधिक खतरा किसको
अनकंट्रोल्ड डायबिटीज के मरीज
जिनका इम्यून कमजोर होता है
लंबे समय तक आईसीयू में रहने वाले
लंबे समय तक स्टेरॉयड लेने वाले
क्या करना चाहिए
ब्लड, ग्लूकोस लेवल चेक करें
डॉक्टर से पूछ कर स्टेरॉयड ले
ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान साफ पानी का इस्तेमाल करें.
एंटीबायोटिक/ एंटीफंगल का इस्तेमाल करें
क्या नहीं करना चाहिए
ब्लैक फंगस के लक्षण ना भूलें
नाक बंद होने पर ब्लैक फंगस न माने
जांच कराने में संकोच ना करें
सही समय पर उपचार शुरू कर दें
कैसे बचाव करना चाहिए
धूल भरी जगहों पर जा रहे हैं तो मास्क जरूर लगाएं
मिट्टी में जा रहे हैं तो जूते ट्राउजर फुल आस्तीन वाली शर्ट और दस्ताने पहने
हाइजीन का विशेष ध्यान रखें स्क्रब बाथ लेते रहें.




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