उत्तर प्रदेश का पीलीभीत. रिश्वत लेकर छोटी मोटी घटनाओं को ठिकाने लगाने की खबरें तो पुलिस विभाग से आती रहती हैं लेकिन उत्तर प्रदेश की पुलिस के दामन पर उसके अपने दो सिपाहियों ने दाग लगा दिया. खाकी को दागदार करने की घटना पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी थाने की गड़वाखेड़ा की है. विभाग के दो सिपाहियों सचिन और विपिन ने दो सेक्स वर्कर्स को अपने जाल में फंसा कर अपना एक नया सिस्टम खड़ा कर लिया. इतना ही नहीं दोनों सेक्स वर्कर्स से कम उम्र के लड़कों को अपने जाल में फंसाने की बात कही. जब कोई युवा इन सेक्स वर्कर्स के साथ आपत्तिजनक स्थिति में होता था तो मौके पर पहुंचकर दोनों कांस्टेबल दबोच लेते थे. इसके बाद युवकों को में जेल में बंद करने की धमकी देते थे. युवा लड़कों के गिड़गिड़ाने पर छोड़ने के एवज में दोनों कांस्टेबल भारी-भरकम रकम लेते थे.
कैसे खुली पोल
कुछ सीनियर अधिकारियों को दोनों कांस्टेबलों के इस घटिया हरकत की जानकारी हो गई जिसके बाद उन्होंने थाने में तैनात एक सिपाही को नजर रखने और जानकारियां जुटाने के लिए कहा. थाने में तैनात एक सिपाही ने उन सेक्स वर्कर से फोन पर बात की. सिपाही से फोन कॉल के दौरान सेक्स वर्कर ने शुरुआत से लेकर अंत तक सिपाही को सब कुछ बता डाला. इतना ही नहीं गोपनीय तरीके से चल रही इस जांच का ऑडियो वायरल हो गया और मीडिया से लेकर बड़े अधिकारियों तक पूरा मामला पहुंच गया. अधिकारियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों सिपाहियों निलंबित कर के खिलाफ जांच बैठा दी है.
पूरे मामले पर पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश यादव में जानकारी दी और कहा
थाना सेहरामऊ उत्तरी की चौकी गढ़वा खेड़ा से संबंधित एक ऑडियो वायरल हुआ है. इसमें एक युवक और एक लड़की की बातचीत है. बातचीत में युवती बता रही है कि चौकी के सिपाही सचिन और विपिन ने उसके साथ गलत काम किया और कई युवकों को सेक्स के मामले में फंसाया है. इस ऑडियो के सामने आने के बाद सिपाही विपिन और सचिन को निलंबित कर दिया गया है. दोनों सिपाहियों को पुलिस लाइन बुला लिया गया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है.
क्या कहते हैं आरोपी कांस्टेबल
पूरे प्रकरण पर आरोपी कांस्टेबल सचिन और विपिन की कहानियां अलग है. दोनों पूरे प्रकरण को अपने खिलाफ साजिश बता रहे हैं. बहरहाल अधिकारी पूरे मामले की खोज पड़ताल में जुट गए हैं.

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