उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों कोरोना के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है. पंचायत चुनाव के बाद काफ़ी हद तक शहरों की गलियों तक सीमित रहने वाला कोरोना गांव में भी खूब फैला. हालांकि उत्तर प्रदेश के शहरों में कोरोनावायरस पर अब थोड़ा ब्रेक है लेकिन चिंता गांव की है. कोरोना का रूख गांव की तरफ हो गया है. छोटे शहरों और गांव में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में कोरोना संक्रमण का असर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है. कोरोना का सबसे ज्यादा असर सहारनपुर कमिश्नरी के मुजफ्फरनगर जिले और सहारनपुर जिले के गांवों में दिखाई दे रहा है.
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के बाद कोरोना शहरों से गांव की तरफ रुख कर लिया है. ग्रामीणों में तेज बुखार के मामले बढ़ रहे हैं. वही सांस लेने की परेशानी का जिक्र भी देहात क्षेत्र से अब सुनने में आ रहा है. बढ़ते कोरोनाव से कई लोग अपनी जान से हाथ गवा बैठे हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रामीण लोगों कोरोना टेस्ट बड़े स्तर पर अभी तक नहीं हो पाया है. असल आंकड़ा टेस्ट होने के बाद ही सामने आ पाएगा.
बीते कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मसलन सहारनपुर में सबसे अधिक कोरोना का प्रकोप देखने में आया है. यहां कुल संक्रमितो की संख्या 24555 के पार पहुंच गई है जबकि वर्तमान में पॉजिटिव की संख्या लगभग 6900 के करीब है. इसके अलावा सुल्तानपुर खेड़ा, देवरिया, आजमगढ़, जालौन, पीलीभीत के ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना का प्रकोप दिखाई दे रहा है. इन इलाकों में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है. बीते दिन सहारनपुर में 1171, अमरोहा में 650 और पीलीभीत में संक्रमण के 550 केस दर्ज किए गए. रायबरेली के सुल्तानपुर खेड़ा में कोरोना का कहर बरस रहा है. कोरोना के लक्षणों के चलते यहां 17 लोग की जानकारी चली गई है.
सहारनपुर के ताजा हालात की बात करें तो जिले में तकरीबन 6800 के करीब सक्रिय मामले हैं. बीते 24 घंटे में 1207 मामले सामने आए हैं जबकि 361 लोगों ने महामारी को मात दी है.
वहीं उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 26,847 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 34,721 लोग डिस्चार्ज हुए और 298 लोगों की मृत्यु दर्ज़ की गई.





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