कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का लगातार उल्लंघन देखा जाता है. लॉकडाउन के बावजूद बिना मास्क और नियमों का उल्लंघन करते हुए लोग सड़कों पर नजर आ जाएंगे. ऐसे ही लोगों पर लगाम लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने पहल की है. सरकार ने आदतन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर रासुका के तहत कार्यवाही करने की योजना बनाई है.
कोरोना की दूसरी लहर देहात में पहुंच रही है इस पर काबू पाने के लिए सरकारें रणनीतियां बना रही है. मात्र 1 हफ्ते में तीसरा मौका है जब देशभर में कोरोना वायरस के 4 लाख से ऊपर मामले मिले. 5 मई को 4.12 लाख तो पिछले 24 घंटे में 4.14 लाख नए मामले सामने आए हैं. 30 अप्रैल से पहले चार लाख से अधिक मामले में मिले थे लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद सुधार हुआ. बावजूद इसके फिर से एक बार ग्राफ चढ़ने लगा. इसको लेकर अलग-अलग राज्यों ने प्लान बनाएं हैं.
उत्तराखंड में क्या है प्लान
राज्य के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि कोरोनावायरस का पालन नहीं करने वाले दो लाख से ज्यादा लोगों को हमने चालान किया है. 3.5 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया. दवाइयों की कालाबाजारी करने के आरोप में 25 लोगों को जेल भेजा गया. अगर लोग अभी सुधार नहीं करते हैं तो फिर हम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका के तहत कार्यवाही करने को बाध्य होंगे. डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस अशोक कुमार ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर निराशा और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि आपातकाल में कुछ लोग गिद्ध बन गए हैं. हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं. ऐसे लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी. अशोक कुमार ने एसपी टिहरी तृप्ति भट्ट की मुहिम मिशन हौसला को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि मिशन हौसला में लोगों को मेडिकल मदद व आपात स्थिति में मदद मिलेगी. मिशन हौसला की नोडल एजेंसी थाना होगा. थाना प्रभारी के स्तर से ही अधिक से अधिक लोगों की मदद करने का लक्ष्य रखा जाएगा. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वह मदद को सामने आए. जो भी मदद करना चाहते हैं वह अपने निकटतम थाने को मदद दे सकते हैं. डीजीपी ने सभी जनपदों में सख्ती से गाइडलाइन का पालन करवाने के आदेश सभी कप्तानों को दिए हैं.
उत्तर प्रदेश में क्या है हाल
उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों के मुताबिक यहां भी पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. दुकानों को सुबह 7:00 बजे से 2:00 बजे तक खोला जा रहा है. जहां मामले अधिक हैं वहां सख्ती बरती जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दैनिक मीटिंग कर प्रदेश में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
सरकारी कर्मचारियों को मिली छूट
केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों जैसे गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग कर्मचारियों को ऑफिस आने से छूट दी है. यानी यह लोग अब work-from-home कर सकेंगे. इतना ही नहीं कंटेनमेंट जोन में रह रहे कर्मचारियों और अधिकारियों को भी ऑफिस आने से छूट रहेगी. यह व्यवस्था 31 मई तक लागू रहेगी.
तमिलनाडु में क्या है हाल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कोरोना राहत के रूप में हर परिवार को ₹4000 प्रदान करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. ₹2000 की पहली किस्त मई के महीने में दी जाने की संभावना है.
दिल्ली में 2 राज्यों से आने पर होंगे quarentine
देश की राजधानी दिल्ली में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वालों को 14 दिन होम करंट टाइन में रहना होगा. इसके लिए सरकार ने कुछ सरकारी और पेड क्वारंटाइन सेंटर चिन्हित किए हैं जिन्होंने वैक्सिंग के दोनों डोज लगवा लिए हैं वह 72 घंटे पहले की rt-pcr नेगेटिव रिपोर्ट दिखाकर 7 दिन क्वॉरेंटाइन एंड सकते हैं.
राजस्थान में 15 दिन का लॉक डाउन
राजस्थान में 15 दिनों का लॉकडाउन लगाने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही शादियों को 31 मई के बाद करने की अनुमति होगी. सरकार ने 10 मई से 24 मई तक संपूर्ण लॉक डाउन की घोषणा की है. 31 मई के बाद भी शादी या तो घर पर करनी होगी और नहीं तो कोर्ट मैरिज हो सकेगी जिसमें 11 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी.
हिमाचल के हाल
हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार ने 7 मई से लेकर 16 मई तक कोरोना कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है.
मध्य प्रदेश मध्यप्रदेश में 17 तक तालाबंदी
कोरोना कोरोनावायरस के चलते मध्यप्रदेश में 17 मई की सुबह तक लाभ डाउन रहेगा. इसे 15 मई की सुबह तक बढ़ाया गया है क्योंकि इसके बाद शनिवार और रविवार का दिन है और इस दिन वीकेंड लॉक डाउन रहता है इसलिए लॉकडाउन 17 मई तक जारी रहेगा.





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