वैश्विक महामारी कोरोना के दूसरे चरण का तांडव देश भर में चल रहा है. उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है. प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. ऑक्सीजन से लेकर अस्पताल के बेड पर मीडिया में सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने वह कर दिखाया जो अब तक किसी ने नहीं किया. सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला है. ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 6 महीनों के अंदर 40 मिलियन वैक्सीन के डोज के लिए टेंडर निकाला है. इस प्री बोर्ड मीटिंग का आयोजन गूगल मीट के जरिए 12 मई को किया जाएगा. 21 मई तक टेंडर को डाला जा सकेगा.
सरकार ने ऐसे गोदामों को चिन्हित किया है जहां पर कम से कम छह मिलियन डोज की आपूर्ति की जानी है.
समाचार चैनल न्यूज़ 18 की रिपोर्ट की माने तो 21 मई को बंद होने वाली बोलियों के लिए 160 मिलियन रुपए की जमा राशि मांगी गई है. भीड़ में कहा गया है कि टेंडर के तहत कोविड-19 की खरीद को यूपी सरकार के बजट में मंजूरी दी जाएगी. यूपी सरकार ने 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका लगाने के लिए टेंडर निकाला है. इस बाबत राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र की ओर से और कंपनियों की ओर से वैक्सीन मिलने का इंतजार करते रहने से युवाओं को समय पर टिका नहीं लग पाएगा. फिलहाल यूपी में 18 साल से अधिक लोगों को 9 जिलों में टीका लगाया जा रहा है लेकिन टीको की कमी के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. भारत सरकार वैक्सीन के जो डोज़ उपलब्ध करा रही है वह 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को लगानी है.
हालांकि उत्तर प्रदेश से पहले महाराष्ट्र सरकार ने वैक्सीन के लिए वैश्विक टेंडर निकालने की बात कही थी लेकिन वहां से टेंडर की कोई जानकारी नहीं है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस टेंडर को निकाल दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार 1 दिन में सबसे अधिक आरटी पीसीआर टेस्ट कराने के मामले में भी पहले पायदान पर है. सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रदेश में सवा दो लाख से ढाई लाख टेस्ट प्रतिदिन कर रहे हैं.
टेंडर निकालने के समय पर भी विशेष जानकारी है. सरकार की ओर से यह टेंडर उस समय निकाला गया जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपी सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. कोर्ट ने पूछा कि सरकार कैसे वैश्विक बाजार से टीको की खरीद में तेजी लाने की योजना बना रही है. कोर्ट ने सरकार से अगले तीन से चार महीनों के भीतर राज्य के सभी निवासियों का टीकाकरण करने के लिए भी कहा है. यूपी में फिलहाल 13.5 मिलियन लोगों को टीका लगा है जबकि कुल आबादी 230 मिलियन है.
टेंडर में सरकार की ओर से चेतावनी जारी की गई है और कहा गया है कि समय से वैक्सीन की सप्लाई नहीं करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. लेटर ऑफ इंडेंट जारी करने के 6 महीने के अंदर 40 मिलियन खुराक उपलब्ध करानी होगी. टीकों पेशकश करने वाले बोली दाताओं के पास या तो अपनी कोल्ड चैन ट्रांसपोर्टेशन प्रणाली होनी चाहिए या फिर ट्रांसपोर्टिंग एजेंट के साथ उचित अनुबंध होना चाहिए.
टीकों को सुरक्षित रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी, मेरठ, लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, कानपुर, झांसी, बरेली और अयोध्या में गोदामों को चिन्हित किया है. जान लेना महत्वपूर्ण है कि आपूर्ति के लिए तैयार पैकेट ऊपर नॉट फॉर सेल लिखा होना आवश्यक होगा.





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