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व्यक्ति विशेष : राम दास अठावले, मोदी सरकार के विश्वसनीय मंत्री ने अयोध्या में भगवान बुद्ध का मंदिर बनाने की मांग की

अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण का स्वागत : रामदास अठावले

अठावले बोले कि भगवान बुद्ध का भी अयोध्या में बने भव्य मंदिर

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल से हुई खास बातचीत

✍️सुरेंद्र सिंघल, वरिष्ठ पत्रकार .

नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और रिपब्लिक पार्टी आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अत्यंत विश्वासपात्र माने जाते है और जिन्हें भाजपा महाराष्ट्र से हाल ही में अपने बूते दोबारा राज्यसभा में लाई है, ने गर्व के साथ कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर उसी स्थान पर बन रहा है, जहां हिंदुओं की आस्था के मुताबिक श्रीराम ने जन्म लिया था। रामदास अठावले, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी और डा. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा के प्रबल समर्थक है, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि केंद्र सरकार अयोध्या में ही भगवान बुद्ध के भव्य मंदिर निर्माण का भी मार्ग प्रशस्त कराए।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले नई दिल्ली स्थित 10, सफदरजंग रोड के अपने सरकारी आवास पर “वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल” से खास बातचीत कर रहे थे। श्री अठावले ने कहा कि ढाई हजार वर्ष पूर्व भारत में जो सामाजिक व्यवस्था थी उसमें श्रम के आधार पर चार वर्ण बनाए गए थे। यह व्यवस्था बाद में बिगडती चली गई और जन्म के आधार पर जातियों की अवधारणा बन गई। जिससे भेदभाव और शोषण की लंबी श्रंखला शुरू हो गई। जो स्वीकार्य नहीं है और न ही उसका वैज्ञानिक आधार है। डा. भीमराव अंबेडकर ने करूणा, शांति, अहिंसा, भाइचारा, समता का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध द्वारा स्थापित बौद्ध धर्म को स्वीकार किया और फैलाया। बौद्ध धर्म ढोंग पाखंडो पर नहीं बल्कि विज्ञान की कसौटी पर खरा उतरता है। उन्होंने कहा कि मुगलो ने हिंदू मंदिरों को तोडा। अयोध्या में भी रामजन्म भूमि पर बने मंदिर को ध्वस्त किया और बाबरी मस्जिद बनवाई। अयोध्या में बडी संख्या में बौद्ध मंदिर थे। जिनकों विरोधी विचारधारा वाली ताकतो ने तोडा। यह बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ ऐसा ही ऐतिहासिक अन्याय है। जैसा हिंदू भाइयों के साथ हुआ। हिंदुओं के साथ हुआ अन्याय माननीय सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक और स्वागत योग्य फैसले से दूर हो गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को रामजन्म भूमि स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण का भूमि पूजन और शिलान्यास कर आए। जिससे पूरा हिंदू समाज गदगद हो गया।
रामदास अठावले जो बौद्ध धर्म से ताल्लुक रखते है और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और डा. भीमराम अंबेडकर के सच्चे अनुयायी है, ने कहा कि मोदी सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डा. भीमराव अंबेडकर का बहुत सम्मान और आदर करते है। इसलिए देश और दुनिया के बौद्ध धर्म के सभी अनुयायियों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रार्थना हैं कि वे उनकी भव्य बौद्ध मंदिर निर्माण की मांग को पूरा करे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सभी अल्पसंख्यक समुदायों बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई, मुस्लिम सभी के हितों का उनकी सरकार समुचित ध्यान रख रही है और उनके कल्याण के लिए योजनाएं चला रही है। अठावले ने कहा कि उनका अपना मंत्रालय का सालाना बजट 8 हजार 820 करोड का है। इसमें पांच हजार 183 करोड की धनराशि अनुसूचित जातियों के विकास और कल्याण की योजनाओं के लिए है। विकलांग जनसशक्तिकरण के लिए एक हजार 70 करोड रूपए आवंटित है और समाज के अन्य कमजोर समूहों के विकास के लिए 500 करोड की व्यवस्था है। कोरोना काल में भी उनके मंत्रालय की योजनाओं पर क्रियान्वयन जारी रहा। वह स्वयं मंडलों में जाकर अपने विभागीय कामकाज की समीक्षा करते है और स्थलीय निरीक्षण के साथ-साथ लाभार्थियों से भी मुलाकात कर उनकी राय जानने का काम करते है। रामदास अठावले देश मे ऐसे विरले शीर्ष दलित नेताओं में गिने जाते है जो ऊंची जातियों के साथ किसी तरह का मनभेद, ईष्या अथवा वैरभाव नहीं रखते है। वह समन्यवादी और समता पर आधारित व्यवहार और आचरण में विश्वास करते है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके पास आने वालो में 60 फीसद लोग ऊंची जाति के होते है। वह सभी से प्रेम और सद्भाव के साथ मिलते है और उनकी समस्याओं और शिकायतों का लगाव के साथ निस्तारण करते है।
अठावले ने प्रधानमंत्री मोदी सरकार की एक साल पहले जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर ऐतिहासिक गलती को सुधारने की भी दिल से सराहना की है। था। उन्होंने कहा कि इसी तरह तीन तलाक की समस्या से मुस्लिम महिलाओं को मोदी सरकार ने निजात दिलाई है। आर्थिक मोर्चें पर मोदी सरकार तेजी के साथ आगे बढ रही है। श्री अठावले ने कहा कि नरेंद्र मोदी की प्रेरणा अैर स्नेह को देखते हुए वह कांग्रेस से अलग होकर भाजपा के साथ आए थे। कांग्रेस ने उन्हें केंद्र में मंत्री नहीं बनाया था, जबकि वह लोकसभा में चुनकर आए थे। सोनिया गांधी ने यह कहकर उन्हें मंत्री बनाने से मना कर दिया था कि उनका लोकसभा में एक ही सदस्य है। जबकि मुस्लिम लीग का भी एक सदस्य था और उसे मंत्री बना दिया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में हम भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लडे और महाराष्ट्र में भाजपा को ऐतिहासिक रूप में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि भारत का दलित समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतियों से सहमत और संतुष्ट है और आज नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत देश अपने परम वैभव को प्राप्त कर चुका है।

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Prakash Pandey

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