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Unlock 1 को लेकर जिलाधिकारी के साफ़ सरल शब्दों को जानना है तो सूचना विभाग के प्रेस नोट को पढ़ लीजिए, सब कुछ क्लियर है

शाॅपिंग-माॅल, होटल एवं रेस्टोरेंट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

समस्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरें लगातार चालू हालत में रहने अनिवार्य होंगे

थानाध्यक्ष/नगर मजिस्ट्रेट/उप जिला मजिस्ट्रेट कोविड-19 के संबंध में अपने-अपने क्षेत्रों में समस्त व्यवस्थायें सुनिश्चित करने हेतु सीधे जिम्मेदार होंगे – जिलाधिकारी

उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-51 से 60 तथा भा0द0वि0 की धारा-188 में दिए गए प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी – अखिलेश सिंह

सहारनपुर. जिलाधिकारी श्री अखिलेश सिंह ने शाॅपिंग-माॅल, होटल एवं रेस्टोरेंट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया है कि कन्टेणमेंट जोन को छोडकर शेष स्थानों/जोन में माॅल, होटल, रेस्टोरेन्ट खोले जा सकते है. समस्त स्थानों पर सीसीटीवी कैमरें लगातार चालू हालत में रहने अनिवार्य होंगे. प्रवेश-द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने हेतु एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग किया जाएगा एवं इन्फ्रारेड-थर्मामीटर की भी व्यवस्था की जायेगी. जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा केवल उन्हे ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जायेगी.
जिलाधिकारी ने बताया कि फेस-कवर/मास्क पहनने वाले कर्मियों/ग्राहकों/आगन्तुकों को ही प्रवेश करने की अनुमति होगी एवं माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर रहने के दौरान पूरे समय फेस-कवर/माॅस्क पहने रहना होगा. कोविड-19 महामारी के संबंध में पूर्वोपायों को माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर एवं बाहरी परिसर में पोस्टर/सैनिटाइजर का प्रयोग प्रमुखता से करना होगा. जंहा तक संभव हो आने वाले ग्राहकों को समूहों में बांटते हुए माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट में प्रवेश करने की व्यवस्था की जाए जिससे कि एक ही स्थान/प्रवेश द्वार पर अनावश्यक भीड-भाड न हो और संक्रमण का प्रसार न होने पाये. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट प्रबन्धन द्वारा सोशल-डिस्टेन्सिंग के मानकों को सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त स्टाॅफ तैनात किया जाएगा. ऐसे सभी कर्मचारी जो कि संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते है जैसे वृद्ध एवं गर्भवती कर्मी और ऐेसे कर्मी जोकि निरन्तर चिकित्सीय पर्यवेक्षण में हो जैसे दमा, मधुमेह, हृदयरोग, कैन्सर अथवा किडनी रोग वाले मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है, उन्हे यथासम्भव किसी फ्रन्ट-लाइन कार्यों (अर्थात जिनमें उनके, अन्य व्यक्तियों/अतिथियों आदि के साथ सम्पर्क में आने की सम्भावना हो) में न लगाया जाए. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेंट प्रबन्धन द्वारा प्ज् से संबंधित कार्यों हेतु यथा-सम्भव घर से कार्य करने की सुविधा दी जाये. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर एवं बाहरी परिसरों जैसे पार्किंग स्थल आदि पर भीड प्रबन्धन करते समय सोशल-डिस्टेंसिंग का कडाई से अनुपालन किया जाए.
उन्होेने बताया कि वैले-पार्किंग, यदि उपलब्ध हो, तो इस हेतु स्टाॅफ को फेस-कवर/मास्क, ग्लव्स आदि के साथ परिचालन करने की व्यवस्था करनी होगी. कार/वाहन आदि के स्टियरिंग, दरवाजों के हैंडिल, चाभी आदि को समुचित प्रकार से कीटाणु-रहित कर लिया जाए. माॅल एवं होटल परिसर के अन्दर स्थित किसी प्रकार की दुकानों, स्टाॅल, कैफेटेरिया इत्यादि पर भी पूरे समय सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कडाई से अनुपालन करना होगा. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर एवं प्रवेश हेतु लाइनों में पर्याप्त शारीरिक-दूरी बनाये रखने के साथ-साथ सम्पूर्ण परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा. आगन्तुकों/स्टाॅफ तथा सामान/वस्तुओं की आपूर्ति हेतु प्रवेश एवं निकास की यथासम्भव अलग-अलग व्यवस्था की जाए. होम-डिलेवरी करने से पूर्व डिलेवरी स्टाॅफ की माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट प्रबन्धन द्वारा थर्मल-स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाएगी. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट में वस्तुओं/सामानों आदि की पूर्ति करते समय आवश्यक सावधानियां बरती जाएं. इस हेतु सोशल डिस्टेंसिंग के संदर्भ में लाइन आदि की व्यवस्था/निःसंक्रमण हेतु आवश्यक व्यवस्थायें की जाए. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर प्रवेश हेतु लाइनों में यथा सम्भव एक-दूसरे से कम से कम 06 फीट की शारीरिक दूरी बनाये रखना आवश्यक होगा. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट के अन्दर स्थित दुकानों में शारीरिक दूरी के मानकों का अनुपालन करते हुए ग्राहकों की संख्या कम से कम रखी जाएगी. बैठने संबंधी व्यवस्थाओं में पर्याप्त सोशल-डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जाएगा.
जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-चालित सीढियों के प्रयोग करते समय भी सीढियों पर पर्याप्त सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन किया जाएगा. सीढियों पर एकान्तर क्रम से (अर्थात एक सीढी छोडते हुए अगली सीढी पर केवल एक व्यक्ति) चलने हेतु व्यवस्था की जाए. वेन्टिलेशन/एयर-कंडीशनरों आदि के साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के मध्यम होना चाहिए. आद्रता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए। क्राॅस-वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके. ऐसे कार्यक्रम/इवेन्ट आदि जिनमें भीड इकट्ठा होने की सम्भावना हो, निषिद्ध रहेंगे. माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट परिसर के अन्दर निरन्तर एंव प्रभावी साफ-सफाई की व्यवस्था करनी अनिवार्य होगी. पेयजल/वाश-बेसिन एरिया एवं शौचालयों में विशेष व्यवस्था सुनिश्चिित की जाए.
उन्होने बताया कि समस्त शौचालयों आदि की गहन सफाई नियमित अन्तराल में की जाएगी. ग्राहक के टेबल छोडते ही प्रत्येक बार टेबल को सैनिटाइज किया जाएगा. माॅल, होटल एवं रैस्टोरेंट में गेमिंग जोन एवं बच्चों के खेलने के स्थान बन्द रहेंगे. माॅल के अन्दर स्थित सिनेमा-हाॅल बन्द रहेंगे. होटल के अतिथियों को ऐसे क्षेत्र जो कन्टेनमेन्ट जोन में पडते हों, में न जाने हेतु सूचित कर दिया जाये. होटल को अपने स्टाॅफ के साथ-साथ अतिथियों को भी उचित व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे फेस-कवर, फेस-मास्क, ग्लब्स और हैण्ड-सेनेटाइजर आदि उपलब्ध कराने होंगे.
जिलाधिकारी ने रेस्टोरेन्ट के संबंध में बताते हुए कहा कि रेस्टोरेन्टों में डिस्पोजब्ल मेन्यू का प्रयोग किया जाएगा. कपडे के नैपकिन के स्थान पर अच्छी गुणवत्ता के पेपर नैपकीन का प्रयोग किया जाएगा. रेस्टोरेन्ट के अन्दर बैठने की व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि उचित सोशल-डिस्टेंसिंग का पालन हो. सीटिंग क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक को बैठाने की अनुमति नहीं होगी.
माॅल, होटल एवं रेस्टोरेन्ट परिसर के अन्दर संदिग्ध अथवा पुष्ट केस प्राप्त होने पर बीमार व्यक्ति को ऐसे स्थान पर रखा जाए जिससे कि वह अन्य व्यक्तियों से बिल्कुल अलग हो जाए. जब तक उसे चिकित्सक द्वारा परीक्षण न कर लिया जाए तब तक उसके द्वारा पूरे समय फेस-कवर/मास्क का प्रयोग किया जाएगा. तुरन्त निकटतम अस्पताल/क्लीनिक अथवा जिला स्वास्थ्य हेल्पलाइन को सूचित किया जाए.
जिलाधिकारी ने कडे शब्दों में निर्देशित किया है कि प्रत्येक धर्म स्थल/पूजा स्थलों/शाॅपिंग-माॅल/होटल एवं रेस्टोरेन्ट के प्रबन्धन/पूजारी/स्वामी/संचालक आदि के सक्षम पदाधिकारियों द्वारा इस आशय का अनुबन्ध-पत्र क्षेत्रीय थानाध्यक्ष/नगर मजिस्ट्रेट/उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत/पे्रषित करना होगा कि उनके द्वारा अपने धर्म स्थल अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठान में कोविड-19 के संबंध में समस्त व्यवस्थायें उपरोक्तानुसार अक्षरशः पूर्ण कर ली गई है.
अनुबन्ध-पत्र प्रस्तुत होने पर उसी दिन संबंधित मजिस्ट्रेट/पुलिस उपाधीक्षक/थानाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा तथा धर्म स्थल/व्यापारिक प्रतिष्ठान द्वारा दिये गये अनुबन्ध-पत्र में की गई उद्घोषणा के अनुरूप की गई व्यवस्थाओं की पुष्टि करने के उपरान्त संबंधित धर्म स्थल/व्यापारिक प्रतिष्ठान को खोलने की अनुमति उसी दिन प्रदत्त की जायेगी. कोई भी धर्म स्थल/व्यापारिक प्रतिष्ठान बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं खोला जायेगा.
आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अनुरूप कडाई से अनुपालन किया जायेगा. उपरोक्त एवं समय-समय पर निर्गत उपायों के क्रियान्वयन हेतु निम्न निर्देशों का अनुपालन किया जायेगा-
समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट जनपद सहारनपुर को अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार में उपर्युक्त उपायों को लागू कराने के लिए प्दबपकमदज ब्वउउंदकमत नियुक्त किया जाता है.
अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार में उपर्युक्त उपायों को लागू कराने के लिए उत्तरदायी होंगे और समस्त लाइन डिपार्टमेन्ट के अधिकारी के दिशा-निर्देशन में कार्य करेंगे. आवश्यक परिचालन/आवागमन पास निर्गत करेंगे. समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट/ उपर्युक्त लाॅकडाउन उपायों एवं कोविड-19 प्रबन्धन से संबंधित नियम कडाई से लागू कराएंगे. विशेष रूप से, हाॅस्पिटल निरन्तर बिना किसी बाधा के संचालन/विस्तार हेतु आवश्यक संसाधनों/वर्करों/मैटेरियल के संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे.
उन्होेने बताया कि लाॅकडाउन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-51 से 60 तथा भा0द0वि0 की धारा-188 में दिए गए प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।

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Prakash Pandey

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