पांडेयजी तो बोलेंगे

TOP NEWS: तो क्या कोरोना वायरस से हम जीत गए हैं? जानिए भारत की वर्तमान स्थिति क्या कहती है?

New Delhi. कोरोना वायरस के भारत में प्रवेश के साथ ना केवल भारत सरकार बल्कि यहां का हर नागरिक परेशानी में है, उलझन में है. सरकार के द्वारा 24 मार्च को लॉक डाउन पार्ट वन जो 14 अप्रैल तक चला उसके बाद 14 अप्रैल से 3 मई तक लॉक डाउन पार्ट 2 चल रहा है.
ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बहुत मायने रखती है. कल स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में भारत की स्थिति पर संतोष जाहिर किया गया. सरकार ने यह माना है कि लॉक डाउन के चलते कोरोना वायरस के संक्रमण पर भारत लगाम लगाने में कामयाब रहा. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा यदि लॉक डाउन ना किया जाता तो भारत में संख्या एक लाख से ऊपर होती. वर्तमान में भारत में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तकरीबन 24500 हैं. ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट मन को संतोष देने वाली है.
अगर स्वास्थ्य मंत्रालय के दावे को सही माना जाए तो हम कह सकते हैं कि भारत ने कोरोना वायरस पर रोक लगा ली है.
24 मार्च कि रात को जब देश में लॉक डाउन घोषित किया गया तब देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 519 थी लेकिन एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद आज संख्या तकरीबन 24500 है.
क्या रफ्तार है देश में कोरोना के संक्रमण की
देश में हर 10 दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी हो जा रही है. हालांकि यह संख्या पहले हर तीसरे दिन डबल हो रही थी.
“एंपावर्ड ग्रुप वन” के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य बी के पाल ने कहा है कि

“देश में लोग डॉन का फैसला समय रहते उठाया गया एक लाभदायक कदम साबित हुआ और देश में कोविड-19 मामलों की रफ्तार में आया बदलाव इसकी पुष्टि करता है. उन्होंने आगे कहा अब यह ग्राफ समतल होना शुरू हो गया है. अगर हमने राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन का फैसला नहीं लिया होता तो अनुमान के मुताबिक अब तक कोविड-19 के करीब एक लाख मामले होते.अब महामारी का प्रकोप काबू में है.”

देश में कोविड-19 के 24500 के तकरीबन मामले हैं. वहीं विश्व भर में 27 लाख से भी अधिक मामले कोविड-19 के हैं जिनमें 1.91 लाख से ज्यादा लोग अपना जीवन गंवा चुके हैं.

रिकवरी रेट क्या कहता है भारत का

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत का रिकवरी रेट बहुत मायने रखता है. भारत में अब तक 5063 लोग स्वस्थ हो गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की माने तो 20.57% संक्रमित रोगी इससे उबर चुके हैं. सबसे खास बात यह है कि देश में जांच के मामलों में वृद्धि होने के बाद भी संक्रमण के मामलों का अनुपात नहीं बढ़ा है. 28 दिन में 15 जिलों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है जहां पहले मामले आए थे. वहीं अगर 23 राज्यों की बात करें तो 80 जिले ऐसे हैं जिनमें बीते 14 दिन में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है.
तमाम आंकड़े संतोष देने के लिए काफी हैं कि जैसा विदेशों में कोरोना वायरस का प्रकोप रहा है ऐसा भारत में नहीं है. भारत ने दूरदर्शी सोच के साथ समय रहते स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की है. अभी हाल फिलहाल भारत में लॉक डाउन चल रहा है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि लॉक डाउन खुलने के बाद संक्रमण फैलने का खतरा है. जैसा कि चीन में भी देखने में आया है. चीन में कोरोना की वापसी हुई है और कई नए मामले भी सामने आए हैं. लेकिन सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोरोना पर नियंत्रण के लिए लगाम कस कर रखेंगी ऐसा माना जा रहा है.
सरकार की अगर लगाम मजबूत रही तो निश्चित ही भारत कोरोना पर जीत हासिल कर पाने में कामयाब रहेगा.

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Prakash Pandey

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