कोरोना वायरस पर दुनिया भर से मिल रही फीडबैक के बाद से हालात की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है. 31 जनवरी 2021 तक जारी रहने वाली गाइडलाइन में गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस के अपग्रेड वर्जन यानी नई स्ट्रेन का जिक्र किया है. सरकार ने लोगों से अधिक सावधानी बरतने की अपील की है. सरकार ने स्वीकार किया है और कहा है कि भारत में भले ही कोरोनावायरस के मामलों में कमी आ रही है, लेकिन दुनिया भर के कई देशों में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है.
कंटेनमेंट जोन पर क्या है फैसला
कंटेनमेंट जोन पर नजर रखने के निर्देश देते हुए गृहमंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे इलाकों को सील किया जायेगा. कंटेंमेंट जोन में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर पहले से जारी की गयी गाइडलाइन के तहत ही कार्रवाई होगी. कंटेंमेंट ज़ोन में नियमों को सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है.
नई गाइडलाइन में कोरोना की नयी स्ट्रेन का जिक्र
गृहमंत्रालय ने कोरोना के नये स्ट्रेन का जिक्र करते हुए कहा है कि नये स्ट्रेन को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यक्ता है. सरकार ने सभी से नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है.
जानिए नई गाइडलाइन के मुताबिक किन किन - किन नियमों का पालन करना होगा
1-निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने से पहले राज्यों को केंद्र से विचार-विमर्श करना होगा.
2-सभी संक्रमित लोगों के संपर्क में आये लोगों की सूची बनायी जाएगी और पता लगाकर उन्हें पृथक-वास में भेजा जाएगा. संक्रमण के मामलों में 14 दिनों तक नजर रखनी होगी और मरीजों के संपर्क में आने वाले 80 प्रतिशत लोगों का 72 घंटे में पता लगाना होगा.
3-भीड़ वाले स्थानों, बाजारों, हाट और सार्वजनिक परिवहन में उचित दूरी के निर्देशों का पालन करना होगा.कोरोना रोकथाम की रणनीति में निगरानी, अन्य उपायों पर ध्यान होना चाहिए और गृह मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए.
4-राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श किए बिना निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन लागू नहीं करेंगी.
5-स्थानीय जिला, पुलिस और निगम प्राधिकारों पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी कि रोकथाम के उपायों का कड़ाई से पालन हो.
6-सिनेमा हॉल और थिएटरों को बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी गयी है.
7-सामाजिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जमावड़े की स्थिति में एक हॉल में अधिकतम 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 200 लोगों तक की अनुमति होगी. खुले स्थान में मैदान के हिसाब से लोगों को अनुमति दी जाएगी. हालांकि, स्थिति के आकलन के आधार पर राज्य सरकारें बंद स्थानों में लोगों की संख्या 100 तक सीमित कर सकती हैं.
8-लोगों के, राज्यों के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य आने-जाने या सामान ढुलाई पर कोई पाबंदी नहीं होगी. ऐसी आवाजाही के लिए अलग से किसी अनुमति या ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी.
9-निषिद्ध क्षेत्रों में केवल जरूरी गतिविधियों की अनुमति होगी और इसके दायरे में लोगों की आवाजाही पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया जाएगा. केवल आपात चिकित्सा जरूरतों और आवश्यक सामान और सेवा की आपूर्ति बनाए रखने को मंजूरी होगी.
10-संक्रमित लोगों का पता लगाने के लिए टीमें घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगी.

Add Comment