एक्सक्लूसिव टॉप न्यूज़ ट्रेंडिंग न्यूज़

ख़ास ख़बर: दिल्ली हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाने वाले हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला, ये रही तबादले की वजह

नयी दिल्लीः दिल्ली हाईकोर्ट में हिंसा से जुड़े महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई कर जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला बीती रात पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया गया है. राष्ट्रपति भवन ने जस्टिस एस मुरलीधर के तबादले की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. तबादले की अधिसूचना के साथ ही उन्हें जल्द पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कार्यभार संभालने को कहा गया है.

केंद्रीय कानून मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है जिसमें जस्टिस मुरलीधर के तबादले के बारे में कहा गया है कि सीजेआई एस.ए. बोबडे की सलाह पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस एस. मुरलीधर को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया है.

शोशल मीडिया पर जस्टिस मुरलीधर को लेकर अलग अलग चर्चा

जस्टिस एस. मुरलीधर के तबादले को लेकर शोशल मीडिया का बाजार गर्म है. सोशल मीडिया पर उनके तबादले को दिल्ली हिंसा की सुनवाई से जोड़कर देखा देखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें हैं कि उनका तबादला भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर सुनवाई के कारण किया गया है वहीं लोग यह भी चर्चा कर रहे हैं कि जस्टिस एस. मुरलीधर को दिल्ली हिंसा पर दिल्ली पुलिस पर तल्ख़ टिप्पणी और कड़ी फटकार के चलते पंजाब भेज दिया गया है.
गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में सीएए पर मची हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई थी. सुनवाई के दौरान जस्टिस एस. मुरलीधर ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगायी थी. इस हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोग अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं. बुधवार को सुनवाई के दौरान चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि हम 1984 को नही दोहराने दे सकते हैं. जस्टिस मुरलीधर ने नेताओं के भाषणों को भी सुना था जिसके बाद दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी. कोर्ट में हिंसा भड़काने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर सुनवाई हुई थी. आज फिर इस मामले की सुनवाई होनी है.

जस्टिस मुरलीधर के तबादले की असली वज़ह ये है

जस्टिस मुरलीधर के तबादले को लेकर चाहे जो भी अफवाह हो लेकिन यह जान लीजिए कि उनके तबादले के दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई से कोई लेना देना नही है. सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने 12 फरवरी को हुई अपनी बैठक में उनके तबादले की सिफारिश का फैसला किया था.सरकार उसे ही इसका आधार बता रही है.


अपने फैसलों को लेकर चर्चा में रहे हैं जस्टिस मुरलीधर

29 मई 2006 को दिल्ली हाई कोर्ट के जज बनने के बाद जस्टिस एस मुरलीधर कई महत्वपूर्ण फैसलों के हिस्सा रहे. आईपीसी की धारा 377 को गैरआपराधिक घोषित करने वाली पीठ का हिस्सा भी रहे थे जस्टिस मुरलीधर. वरीयता के आधार पर उनका तीसरा कद था किया था. अब वह पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में वरिष्ठता में चीफ जस्टिस रवि शंकर झा के बाद दूसरे नंबर पर होंगे.

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.