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बिहार का बेटा बना राष्ट्रपति, पीएम मोदी ने दी बधाई तो लोगों ने दशहरे पर दिवाली मनाई

बिहार के गोपालगंज जिले का बरौली प्रखंड. परसौनी गांव के नोनिया टोली में दशहरे के दिन दिवाली का माहौल था. लोगों में खुशियां थी. वजह थे इस गांव के बेटे वैवेल रामकलावन. रामकलावन सेशेल्स के राष्ट्रपति चुने गए हैं. जानकारी मिलते ही देश के पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से उनको बधाई दी. गांव के लोगों ने दशहरा और दिवाली एक साथ मनाई. वैवेल रामकलावन के परिजनों के साथ साथ गांव वाले भी उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
सेशेल्स के राष्ट्रपति के रिश्तेदारों ने एक दूसरे को बधाई दी, पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी.

चचेरे भाई ने आपबीती बताई

राष्ट्रपति के चचेरे भाई 82 वर्षीय रघुनाथ महतो बताते हैं कि गंडक नदी के किनारे बने परसौनी गांव की स्थिति बेहद खराब थी. वैवेल रामकलावन के पिता हरि चरण महतो अपने भाई जय राम महतो के साथ नमक का कारोबार करने के लिए 130 साल पहले कोलकाता गए थे. कोलकाता में दोनों भाइयों ने गांव वालों के साथ 6 साल तक कारोबार किया. बाद में में बिछड़ गए. 3 साल तक जब भाई नहीं मिला तो जयराम महतो परसौनी लौट गए. इसी बीच जानकारी मिली कि हरिचरण महतो जहाज से मॉरीशस चले गए हैं. वहीं पर वैवेल का जन्म हुआ. मॉरीशस में ही उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. राष्ट्रपति के रिश्तेदार कहते हैं, “अपने चाचा हरिहरन के बारे में बहुत कुछ अब याद नहीं है. बस इतनी याद आती है कि मारीशस जाने के बाद भी वह किसी न किसी माध्यम से अपने भाई जय राम महतो से संपर्क बनाए रखते थे. बाद में मोबाइल योग आया तो इनके शिक्षक पुत्र त्रिलोकी महतो हरि चरण महतो के पुत्र वैवेल रामकलावन से सोशल मीडिया पर संपर्क स्थापित हुआ. इसके बाद दोनों लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं. 10 जनवरी 2018 को अपने पूर्वजों की मिट्टी को नमन करने आए थे. पीएम मोदी ने उनको शुभकामनाएं दी हैं.

130 साल पहले मॉरीशस चला गया था परिवार

130 साल पहले नमक का कारोबार करने कोलकाता गए वैवेल रामकलावन का परिवार मॉरीशस चला गया था. जनवरी 2018 में अपने पुरखों की धरती गोपालगंज पहुंचे रामकलावन ने बिहार और अपने पूर्वजों की धरती को अपना बताते हुए कहा था कि आज मैं जो भी हूं इसी उर्वरा धरती की देन है. मैं नहीं जानता कि मेरे पूर्वजों के परिवार के लोग कौन हैं. लेकिन इस धरती पर पहुंचते ही एहसास हो रहा है कि हर घर मेरा अपना ही है.

जब गोपालगंज आए थे तब विपक्ष के नेता थे

रामकलावन के परदादा 18वीं सदी में मॉरीशस जाकर खेती बारी करने लगे. उन्होंने मॉरीशस को ही अपना स्थाई निवास बना लिया. उनका पोता वैवेल रामकलावन राजनीति में सक्रिय हुए. सेशेल्स में नेता विपक्ष रहे वेवेल रामकलावन अब राष्ट्रपति चुने जा चुके हैं.

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Prakash Pandey

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