नई दिल्ली. अपने दिग्गी राजा को अरे वही दिग्विजय सिंह जी को आजकल सुने हैं ईवीएम फोबिया हो गया है. अब आप सोचेंगे कि यह ईवीएम फोबिया का होता है. तो भैया आपको बता दें कि इका सही परिभाषा तो दिग्गी राजा ही बताई सकते हैं लेकिन जहां तक हम समझेन हैं ईवीएम फोबिया मने सुतिहे(सोयेंगे) त ईवीएम, उठिहें त ईवीएम, नहाई है त ईवीएम, खाइहैं त ईवीएम. मने चारों ओर ईवीएम ईवीएम. अब देख लीजिए दिल्ली में चुनाव हुआ जनता कांग्रेस का बिल्कुल साफ कर दी लेकिन कांग्रेस के नेता जी अपना पार्टी के जीरो पर दुखी बिल्कुले नहीं है उनका इ बात का खुशी है कि भाजपा को 8 मिला. मने सबसे पुरानी पार्टी वेंटिलेटर पर पहुंच गई है इस बात का कोनो मलाल नहीं है लेकिन भाजपा नहीं जीती इका खुशी जरूर है. खैर कोनो बात नहीं, राजनीति है भईया चलता रहेगा. अगर हम और आप समझ जाएं तो नेता ना बन जाए. खैर अब देख लीजिए दिग्गी राजा बोले हैं कि अगर ईवीएम ना हो तो भाजपा एको चुनाव नहीं जीत पाएगी. अरे भैया काहे एतना नाराज हैं. भाजपा जीते ना जीते आप काहे गरमा रहे हैं. मने साफा निर्णय कर लिए हैं पार्टी के लुटिया डुबाना ही है या मन में कुछ और भी है.
यहां तक तो आपने सुना हम का कहना चाह रहे हैं. आम आदमी पार्टी काम किया परिणाम उका पास है आउर जवन खाली बात किया उनका हाथ खाली है. लेकिन जो मन से चुनावे नहीं लड़े वह अभी बी जबानी चुनाव लड़ रहे हैं. अब आप पढ़ लीजिए कि दिग्गी राजा का का बोले हैं.
सुने हैं कांग्रेसी सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह गुरुवार को फिर बोले का बोले पढ़ लीजियेगा
भाजपा हर बात में हिंदू-मुसलमान का भेद कर देती है. इसलिए दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोगों ने उसके खिलाफ नाराजगी प्रकट की है और कांग्रेस का पूरा वोट भी भाजपा को हराने में लग गया.
अरे रुकिए रुकिए अभी और है दिग्गी राजा दावा किये हैं
अगर भाजपा को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की मदद नहीं मिले, तो वह किसी चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सकती है.
अब आप सोच रहे होंगे की डिग्गी बाबा बोल कहां रहे थे तो बता दें कि बाबा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से अपने मन का खींच उतार रहे थे वह बोले
भाजपा के द्वारा चलाया गया नागरिकता अभियान है. हर चीज को वो हिन्दू मुसलमान कर देते हैं. उसके खिलाफ लोगों ने नाराजगी प्रकट की है और पूरा कांग्रेस का वोट भी भाजपा को हराने में लग गया.
जब रिपोर्टर बाबू ने भाजपा के एक के बाद एक राजा हार के बारे में पूछे रहे तो राजा साहब तपाक से बोले
अगर ईवीएम की मदद इनको न मिले, तो कोई चुनाव नहीं जीत रहे ये लोग.
रसोई गैस के दाम पर भी राजा साहब बहुत नाराज थे आप केंद्र को बिल्कुल पटखनी देते हुए बोले
पहले तो सब्सिडी खत्म कर दी, फिर लोगों से कहा कि तुम भी सब्सिडी वापस कर दो. अब सब खत्म करने के बाद जबकि गैस के भाव अंतराष्ट्रीय क्षेत्र में घट रहे हैं, तो इन्होंने बढ़ा दिये. केवल अपना घाटा पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं पर इन्होंने ये भार डाल दिया और यही (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी जब कांग्रेस सरकार थी, थोड़ा-सा बढ़ जाता था, तो दुनिया भर की अनर्गल बातें करते थे. (केंद्रीय मंत्री) स्मृति ईरानी धरने पर बैठ जाती थीं.
फिर का था उके बाद राजा साहब सवाल दागे
अब कहां हैं सब लोग
कुल मिलाकर देखा जाए तो राजा साहब अपनी ड्यूटी में लगे हुए हैं. जनता से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं लेकिन अपना पार्टी के बारे में कुछ बात करने से थोड़ा बहुत कतरा जाते हैं. कोनो बात नहीं ए राजनीति है सब चलता है. अरे नेता जी हैं तो न्यूज़ में तो रहना ही है.


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