मुजफ्फरनगर। अनलॉक 2.0 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बाद सभी जिलों के जिलाधिकारी ने भी आदेश जारी कर दिए हैं. सबसे खास बात यह है कि सभी जनपदों का मसौदा एक ही है. माने सभी ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन को ही जारी रखा है. इसी क्रम में मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने भी अनलॉक के तरीके और नियमों के पालन सम्बंधी आदेश दिए हैं. जिसके मुताबिक
1-अनलाॅक-02 दिशा निर्देश 31 जुलाई, 2020 तक प्रभावी रहेंगे.
2-कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर निम्नलिखित गतिविधियों के अलावा शेष समस्त गतिविधियाॅ अनुमन्य होगीः-
-समस्त स्कूल, काॅलेज, शैक्षिक/प्रशिक्षण/कोचिंग संस्थान इत्यादि 31 जुलाई 2020 तक बन्द रहेंगे, यद्यपि आन लाईन/दूरस्थ शिक्षा हेतु अनुमति पूर्व की भांति जारी रहेगी.
-समस्त सिनेमा हाॅल, जिम, तरण-ताल(स्वीमींग पुल), मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं सभागार, एसेम्बली हाॅल और इस प्रकार के अन्य स्थान.
-समस्त सामाजिक/राजनैतिक/खेल/मनोरंजन/शैक्षिक/सांस्कृतिक/धार्मिक कार्यक्रम/अन्य सामूहिक गतिविधियां निषिद्ध रहेंगी.
-65 वर्षीय से अधिक आयु के व्यक्ति, सह-रूग्णत अर्थात एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां और 18 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चे घरों के अन्दर ही रहेंगे, सिवाय ऐसी परिस्थितियों के जिनमें स्वास्थ्य समबन्धी आवश्यकताओं हेतु बाहर निकलना आवश्यक हो.
3-रात्रि निषेधाज्ञाः-
नोवेल कोराना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव एवं नियन्त्रण किए जाने के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जनपद मुजफ्फरनगर में रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 5.00 बजे तक किसी भी व्यक्ति वाहन आदि का आवागमन निषिद्ध रहेगा, केवल आवश्यक गतिविधियों को छोडकन जिनमें औद्योगिक इकाईयों की मल्टीपल शिफ्ट,राज्य एवं राजकीय मार्गो पर व्यक्तियों और माल आदि का परिवहन, माल की लोडिंग/अनलोडिंग और बसों, टेªनों व हवाई जहाजों से अपने गंतव्य स्थल को जाने वाले व्यक्तियो/यात्री भी शामिल है.
4-कोविड-19 के प्रबन्धन हेतु राष्ट्रीय निति निर्देशक
-सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों एवं यात्रा के दौरान फेसकवर/मास्क लगाना अनिवार्य होगा.
-सार्वजनिक स्थलों/कार्य स्थलों के उत्तरदायी अधिकारी गाइडलाइन्स के अनुसार सोशल डिस्टेंडिसं का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगें.
-कार्य स्थल पर प्रवेश/निकासी एवं काॅमन प्लेस पर थर्मल स्कैनिंग, हैण्डवाॅश/सैनेटाइजर की व्यवस्था की जाए.
-सम्पूूर्ण कार्यस्थल क्षेत्र में जन-प्रसाधन आदि स्थानों पर लगे दरवाजे/हैण्डल आदि को निरन्तर सैनिटाइजेशन किया जाए.
-शादी सम्बन्धी आयोजनों में सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जायेगी एवं 50 से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने की अनुमति नही होगी. (शादी के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा)
-अन्तिम-संस्कार से सम्बन्धित गतिविधियों में सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जायेगी एवं 20 व्यक्ति से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने की अनुमति नही होगी.
-गुटखा, तम्बाकू आदि पर प्रतिबंध होगा और सार्वनजिनक स्थानों पर थूकना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा।
5-लाॅकडाउन केवल कन्टेनमेन्ट जोन तक सीमित रहेगा
-संक्रमण को प्रभावी तरीके से रोकने हेतु कन्टेनमेन्ट जोन का निर्धारण उत्तर प्रदेश सरकार (चिकित्सा विभाग) के शासनादेश संख्या 1324/सेक-पांच-5-2020 दिनांक 23 जून 2020 में उल्लिखित व्यवस्थाओं एवं प्रक्रियाओं के अन्तर्गत निर्धारित मापदण्डों के अनुसार किया जाएगा.
-कन्टेनमेन्ट जोन में केवल अत्यावश्यक गतिविधियों की ही अनुमति होगाी. कन्टेनमेन्ट जोन में कडा परिधीय नियंत्रण रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल चिकित्सीय आपताकालीन स्थिति और आवश्यक गतिविधियों एवं सेवाओं की पूर्ति को छोडकर किसी भी व्यक्ति का अन्दर अथवा बाहर की ओर आवागमन न हों, कन्टेनमेंट जोन में सघन कान्टेक्ट टेस्टिंग, हाउस टू हाउस सर्विलांस और यथावश्यक चिकित्सीय गतिविधियां होगी. इस सम्बन्ध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का धयान रखा जाएगा
-कन्टेनमेन्ट जोन की गतिविधियों का कडाई से अनुश्रवण किया जाएगा और इस सम्बन्ध में कन्टेममेन्ट जोन से सम्बन्धित मापदण्डों का भी कडाई से क्रियान्वयन कराया जाएगा.
-कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर ऐसे स्थान जहाॅ कोविड-19 के संक्रमण के केस निकलने की सम्भावना हो उन्हे बफर जोन के रूप में चिन्हित किया जाए. बफर जोन के अन्दर जिला प्रशासन द्वारा यथावश्यक प्रतिबन्ध लगाए जा सकते है.
6- लाॅकडाउन/अनलाॅक गाइडलाइन्स का आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अनुरूप कडाई से अनुपालन किया जायेगा, लाॅकडाउन उपयों के क्रियान्वयन हेतु निम्न निर्देशों का अनुपालन किया जायेगा.
समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट उपर्युक्त लाॅकडाउन उपायों एवं कोविड-19 प्रबन्धन से सम्बन्धित कडाई से लागू कराएगे.
7- दण्डात्मक प्रावधान-
लाॅकडाउन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-51 से 60 तथा भा0द0वि0 की धारा-188 में दिए गए प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी.

Add Comment