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कृषि कानून पर पर मोदी ने किसानों से कही ‘मन की बात’, जानिए क्या कहा पीएम ने

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों से रूबरू हुए. प्रधानमंत्री ने किसानों से अपने मन की बात कही. कृषि कानूनों में सुधारों को लेकर किसान सड़कों आंदोलन कर रहे हैं. माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री किसानों से मन की बात करेंगे. ठीक वैसा ही हुआ. प्रधानमंत्री ने आज अपने कार्यक्रम मन की बात में किसानों से सीधी बात की.

पीएम मोदी ने कृषि सुधारों का ज़िक्र करते हुए पीएम ने कहा कि

“बीते दिनों हुए कृषि सुधारों (Farmers protest against farm laws) ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं. काफी विचार​-विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरूप दिया. इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए, बल्कि उन्हें नए अधिकार, नए अवसर भी मिले हैं.”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि

“भारत में खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़े रहे हैं. बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं. बरसों से किसानों की जो मांग थी,वो मांगें पूरी हुई हैं.”

पीएम ने कोरोना पर कार्यक्रम के दौरान कहा कि

“लॉकडाउन के दौर से बाहर निकलकर अब वैक्सीन पर चर्चा होने लगी है, लेकिन कोरोना को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही अब भी बहुत घातक है. हमें कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूती से जारी रखना है.”

‘मन की बात’ की शुरूआती संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि

हर भारतीय को यह जानकर गर्व होगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक बहुत पुरानी प्रतिमा कनाडा से वापस आ रही है जो लगभग 100 साल पहले 1913 के करीब वाराणसी के एक मंदिर से चुराकर देश से बाहर भेज दी गई थी. ऐसी कोशिशों की वजह से बीते कुछ वर्षों में, भारत, कई प्रतिमाओं, और, कलाकृतियों को वापस लाने में सफल रहा है. माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी के साथ, एक संयोग ये भी जुड़ा है, कि, कुछ दिन पूर्व ही विश्व हेरिटेज सप्ताह मनाया गया है.”

प्रधानमंत्री ने माता अन्नपूर्णा का रिश्ता काशी से बताते हुए कहा कि

“माता अन्नपूर्णा का, काशी से, बहुत ही विशेष संबंध है. अब, उनकी प्रतिमा का, वापस आना, हम सभी के लिए सुखद है. आगे उन्होंने कहा कि महामारी ने एक ओर जहां,हमारे काम करने के तौर-तरीकों को बदला है, तो दूसरी ओर प्रकृति को नये ढंग से अनुभव करने का भी अवसर दिया है. प्रकृति को देखने के हमारे नज़रिये में भी बदलाव आया है. अब हम सर्दियों के मौसम में कदम रख रहे हैं. हमें प्रकृति के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे.”

न्यूज़ीलैंड में एक एमपी द्वारा संस्कृत में शपथ लेने पर हर्ष जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि

“न्यूजीलैंड में वहां के नवनिर्वाचित एम.पी. डॉ० गौरव शर्मा ने विश्व की प्राचीन भाषाओं में से एक संस्कृत भाषा में शपथ ली है. एक भारतीय के तौर पर भारतीय संस्कृति का यह प्रसार हम सब को गर्व से भर देता है. ‘मन की बात’ के माध्यम से मैं गौरव शर्मा जी को शुभकामनाएं देता हूं.”

पीएम ने गुरुनानक देव की जयंती पर प्रकाश पर्व मनाने की अपील करते हुए कहा कि

“कल 30 नवंबर को, हम, श्री गुरु नानक देव जी का 551वां प्रकाश पर्व मनाएंगे. पूरी दुनिया में गुरु नानक देव जी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है.”

पीएम मोदी ने कहा कि 5 दिसबंर को श्री अरबिंदो की पुण्यतिथि है. श्री अरबिंदो को हम जितना पढ़ते हैं उतनी ही गहराई हमें मिलती जाती है. मेरे युवा साथी श्री अरबिंदो को जितना जानेंगे, उतना ही अपने आप को जानेंगे, खुद को समृद्ध करेंगे.

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Prakash Pandey

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