पॉलिटिकल खास

मायावती ने अखिलेश के लिए जो-जो कहा उसे सुनकर सपाइयों के कान पक जाएंगे


राज्यसभा चुनाव में बसपाई विधायकों के विद्रोह से नाराज मायावती ने समाजवादी पार्टी पर कड़ा हमला बोला है. बसपा सुप्रीमो ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को अवसरवादी तक करार दिया. मायावती ने ऐलान किया की उत्तर प्रदेश की राज्यसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराने के लिए भाजपा का सपोर्ट कर सकती है. मायावती अखिलेश से इतना नाराज़ दिखी कि उन्होंने सपा को हराने के लिए भाजपा या किसी पार्टी को सपोर्ट करने तक का एलान कर दिया. समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को किसी भी हाल में जीतने नहीं देने का बयान भी दिया. मायावती के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए बदलाव की संभावना जताई जा रही है. विद्रोही सातों विधायकों को मायावती ने निलंबित कर दिया है.

सपा के साथ पर जताया दुख

बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ 2019 की लोकसभा चुनाव में हुए गठबंधन को बुरा सपना माना. उन्होंने कहा कि “एनडीए को सत्ता में आने से रोकने के लिए हमने समाजवादी पार्टी से हाथ मिलाया था. उनके पारिवारिक कलह की वजह से हमारे गठबंधन को कोई विशेष फायदा नहीं हुआ. अब वह हमारी पार्टी के विधायकों को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. हमारे सात विधायक उनके संपर्क में है. उन्हें निलंबित कर दिया गया है. अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा.

दलित विरोधी हैं अखिलेश

मायावती ने अखिलेश यादव पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया है. मायावती ने कहा कि “मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव की भी बुरी गत होगी. इनका एक और दलित विरोधी चेहरा हमें कल राज्यसभा के परिचय के जांच के दौरान देखने को मिला जिसमें सफल ना होने पर यह ‘खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे’ की तरह जबरदस्ती बीएसपी और बीजेपी के साथ सांठगांठ करके चुनाव लड़ने का गलत आरोप लगा रहे हैं.”

इन विधायकों ने मायावती को दिया है धोखा

गौरतलब है राज्यसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी राम जी गौतम के पांच प्रस्तावको असलम रायनी, असलम अली, मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल और हर गोविंद भार्गव ने हलफनामा दायर करके अपना प्रस्ताव वापस ले लिया था. सभी विधायकों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. इन पांच विधायकों के अलावा बसपा विधायक सुषमा पटेल और वंदना सिंह ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. सभी सातों को मायावती ने निलंबित कर दिया है.

केस वापस लेने का जिंदगी भर रहेगा दुख

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया और कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद समाजवादी पार्टी ने उनकी पार्टी से बातचीत बंद कर दी. जिस समय हम साथ आए थे उस समय उन्हें जान से मारने का प्रयास वाले मामले में किए गए केस को वापस लेने को कहा गया. मायावती ने अफसोस जताते हुए कहा कि आज अफसोस होता है कि मैंने केस वापस क्यों लिया और इनके साथ गठबंधन क्यों किया?

About the author

Prakash Pandey

Add Comment

Click here to post a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Follow us @ social media

Follow us @ Facebook

विविध