हैल्दी लाइफ

केवल जुकाम खांसी बुखार ही नहीं अगर पैर पर दिख रहे हैं विशेष निशान, तो रहिए सावधान जानिए करुणा को लेकर क्या कहती है नई रिपोर्ट

कोरोना वायरस के प्रभाव से पूरी दुनिया प्रभावित है. अभी तक कोई ठोस इलाज कोरोना से बचाव के लिए नहीं बनाया जा सका है. दुनिया भर के वैज्ञानिक और चिकित्सक कोरोनावायरस की दवा की खोज में लगे हैं. साथ ही साथ इस के रिसर्च पर भी काम चल रहा है.
जैसे जैसे समय बीत रहा है नए-नए लक्षण भी उभर कर सामने आ रहे हैं. हाल ही में अमेरिका और ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने दावा किया था कि यदि किसी व्यक्ति के सूंघने की शक्ति समाप्त हो जाती है तो उसको कोरोना वायरस के लक्षण हो सकते हैं.
लेकिन अब एक नई खोज हुई है जिसमें कोरोना संक्रमित मरीजों में पैरों की स्किन पर घाव के निशान पहचान के रूप में सामने आए हैं. सबसे पहले स्पेन के डॉक्टरों ने इस तरह के लक्षणों की पकड़ की थी. स्पेन के त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया था कि कोविड-19 रोगियों में कोरोनावायरस के नए लक्षण पाए जा रहे हैं जो चिंता का विषय है.
नए लक्ष्यों के अनुसार पैर पर बैंगनी रंग के घाव को पाया जा रहा है. आमतौर पर यह घाव छोटे बच्चे और टीनएजर्स में देखे जा रहे हैं. घाव चिकन पॉक्स की तरह नजर आते हैं.
इस मामले में भारत के ‘फीट’ संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ सुब्रमण्यम स्वामीनाथन का कहना है कि इटली में कम से कम 20% रोगियों में इस तरह के लक्षण मिले हैं. इसके अलावा फिनलैंड, स्पेन, अमेरिका और कनाडा के डॉक्टरों ने भी रोगियों में ऐसे गांव पाए हैं.
उन्होंने आगे कहा कि यह घाव दर्दनाक होता है. जो लाल फोड़ों के साथ ज्यादातर पैर की उंगलियों के पास पाया जाता है. कभी-कभी हाथों पर भी यह घाव हो सकता है. इस लक्षण पर अध्ययन की आवश्यकता है.
डॉ स्वामीनाथन ने आगे कहा कि हालांकि भारत में ऐसे मामले ज्यादा मात्रा में सामने नहीं आए हैं. लेकिन पिछले दो हफ्ते पहले एक त्वचा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि एक दंपत्ति उनके क्लीनिक पर ऐसा ही मामला लेकर आया था. दोनों को हल्का बुखार भी था. डॉक्टर ने सोचा कि यह खसरा बीमारी है लेकिन बाद में उन्हें लगा कि यह कोविड-19 का मामला हो सकता है.
वरिष्ठ त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर माया वेद मूर्ति ने कहा कि इस बात के प्रमाण मिल रहे हैं कि इस वायरस के वजह से त्वचा रोग जैसे मामलों में इजाफा हो सकता है.
अब ऐसे में पूरी दुनिया के सामने संकट खड़ा हो गया है कि आखिर कोविड-19 की पहचान कैसे की जा सकती है?आए दिन शोध के बाद इसके अलग-अलग परिणाम सामने आ रहे हैं. अभी तक केवल बुखार, खांसी, जुकाम, गले में दर्द तक ही इसके लक्षण से लेकिन इन लक्षणों ने समस्या को और गंभीर बना दिया है.

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Prakash Pandey

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