Lucknow. कोरोना वायरस के चलते सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे देश मे 21 दिन का लॉक डाउन किया गया है जिसके चलते बेरोजगार और बेसहारा लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है.
लोगों की समस्याओं को देखते हुए अनेक समाजसेवी संस्थाएं और आमजन भी भोजन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के साथ भोजन बनाकर मजदूरों को दो वक्त का भोजन उपलब्ध करा रहे हैं. अभी तक व्यवस्था जो चल रही थी उसके अनुसार लोग भोजन बना रहे थे और सीधे-सीधे जरूरतमंदों को या फिर नगर पालिका या नगर निगम के जरिए भोजन उपलब्ध करा रहे थे.
अब इस व्यवस्था में प्रदेश के गृह विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है जो समस्त स्वयंसेवी संस्थाएं, एनजीओ और प्राइवेट संस्था द्वारा भोजन और राशन के के पैकेट में वितरित किए जाने के संबंध में है. गृह विभाग के आदेश के बाद कई व्यवस्थाएं अब बदल जाएंगी.
इस संबंध में एडीशनल चीफ सेक्रेट्री अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी मंडलायुक्त/पुलिस आयुक्त लखनऊ-गौतम बुद्ध नगर/सभी जिलाधिकारी /वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर भोजन वितरण के संबंध में निर्देश जारी किए हैं और निर्देश के अनुसार ही भोजन वितरण की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
क्या है निर्देश
1-विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवी संस्था /एनजीओ /प्राइवेट संस्थाओं द्वारा चलित /स्थापित किचन यथासंभव अपने क्षेत्र के निकटतम कम्युनिटी किचन के माध्यम से ही भोजन बनवाना सुनिश्चित करें तो बेहतर होगा.
2-इनके किचन जहां पर भोजन को पकाया जा रहा है उस स्थल से संबंधित थाना/ तहसील एवं नगर निगम क्षेत्र में होने पर संबंधित जोनल ऑफिस में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराया जाए.
3-व्यक्तियों हेतु प्रतिदिन बनाई जा रही भोजन की संख्या एवं किस क्षेत्र में किस समय के मध्य वितरण किया जाएगा, कि सूचना पूर्व रात्रि तक जनपद के राहत कंट्रोल रूम तथा संबंधित थानों को अनिवार्य रूप से दी जाए.
4- यह उचित होगा कि वितरण के समय अधिकृत व्यक्ति यह सुनिश्चित करेंगे कि भोजन की गुणवत्ता अच्छी है अन्यथा अपने क्षेत्र में रहने वाले किसी सरकारी अधिकारी कर्मचारी को शामिल कर उनसे सत्यापन करा लें.
5- इन समस्त स्वयंसेवी संस्था/ एनजीओ/ प्राइवेट संस्थाओं की मॉनिटरिंग प्रतिदिन जनपद के कंट्रोल रूम द्वारा थाना स्तर से निम्न बिंदुओं पर किया जाएगा.
(A)-भोजन वितरित किए गए व्यक्तियों की संख्या
(B)भोजन में क्या दिया गया
6-इस हेतु संपूर्ण जनपद का रजिस्टर इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम में तहसील स्तर पर संपूर्ण तहसीलों में तथा थाना स्तर पर समस्त थानों में कार्यरत समस्त स्वयंसेवी संस्था /एनजीओ/ प्राइवेट संस्थाओं का वितरण नियमित रूप से अनुरक्षण एवं आलोकित किया जाएगा.
सार क्या है
कुल मिलाकर कहा जाए तो सरकार अधिकृत कम्युनिटी किचन के जरिए ही भोजन का निर्माण कराना और वितरण करना चाहती है साथ ही सरकार अधिकृत व्यक्तियों के जरिए ही इस जिम्मेदारी का निर्वहन कराना चाहती है.

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