लखनऊ. बहुचर्चित 69 हज़ार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में हाईकोर्ट का फैसला सरकार के पक्ष में आया है जिससे सरकार ने राहत की सांस ली है. हाई कोर्ट ने यूपी सरकार के 60/ 65 के कटऑफ पर ही भर्ती को अनुमति दे दी है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के मानको को सही माना है. इस फैसले के लिए तकरीबन 400000 अभ्यर्थी हाई कोर्ट की ओर टकटकी लगाए हुए थे. कोरोना काल में हाई कोर्ट का यह बड़ा फैसला आया है.
कब निकली थी भर्ती
दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में 69 हज़ार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2018 को शासनादेश जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी. 6 जनवरी 2019 को 69 हज़ार शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी. इनमें तकरीबन 410440 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी जबकि 21026 परीक्षार्थियों ने परीक्षा को छोड़ दिया था.
विवाद में क्यों थी प्रक्रिया
राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कटऑफ को लेकर अभ्यर्थियों में विवाद था जिसके खिलाफ कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. 3 मार्च 2020 को राज्य सरकार और अन्य व्यक्तियों की विशेष अपीलों पर अदालत ने अपने फैसले को सुनवाई करने के उपरांत सुरक्षित रख लिया था.
बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 3 महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दे दिया है और सरकार के कट ऑफ पर अपनी मुहर लगा दी है. इसके बाद माना जा रहा है कि जल्द ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
इससे पहले एकल बेंच ने सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 45% और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40% कट ऑफ तय करने का राज्य सरकार को निर्देश दिया था जिसके खिलाफ सरकार ने डबल बेंच का रुख किया और परिणाम सरकार के पक्ष में आया.









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