नई दिल्ली. देश में आज अगर कोई सबसे बड़ा सवाल है तो वह है कोरोना और कोरोना से जुड़े हुए मामले. लोग लॉक डाउन को लेकर चिंतित हैं. सरकारें अपने अपने स्तर पर कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को छेड़े हुए हैं. कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर पर राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही हैं. स्थानीय प्रशासन की मदद से लॉक डाउन को सफल बनाने की कोशिश भी की जा रही है. बावजूद इसके देश में अभी तक 4421 मरीज कोरोना से संक्रमित हैं. पिछले 24 घंटे की अगर बात करें तो 354 नए मामले सामने आए हैं. कोरोना ने जहां 114 लोगों की जिंदगी छीन ली वहीं 326 लोग ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने कोरोना को मात देकर जीवन की जंग जीत ली है.
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब नई रणनीति अपनाने का फैसला किया है और उसी के तहत काम करने की सलाह जारी की है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि
“हमने राज्यों से कहा है कि कलस्टर नियंत्रण रणनीति के तहत काम करें. हमने नई रणनीति के तहत काम करने के लिए राज्य और डीसी को कहा था और इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं. कई जगहों पर हमें इसका फायदा भी दिख रहा है. स्मार्ट सिटी के तहत भी काम चल रहा है तकनीक का इस्तेमाल करके हम नजर रख रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि
“हमने एक मुख्य दस्तावेज अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है. कोविड-19 से लड़ने के लिए तीन भागों में बांटा है. पहले लेवल पर संदिग्धों को रखा जाएगा जिसमें हॉस्टल स्कूल, लॉस ऐसी जगह शामिल हैं. हम ने राज्यों से कहा है कि जो भी कोविड केयर सैंटर हैं वह कोविड केयर अस्पताल से लिंक हो. अगर जरूरत हुई या संदिग्धों को आगे इलाज के लिए ले जाना हो तो ले जा सकें.”
दूसरे और तीसरे प्लान को साझा करते हुए कहा कि
“कोविड हेल्प सेंटर इसमें उस तरह के मरीज हैं जो संक्रमित हैं और तीसरा डेडीकेटेड कोविड अस्पताल जो गंभीर मामलों को देखेंगे.”
उन्होंने कहा
“हमने गाइडलाइन तैयार किया है और राज्यों से भी कहा है.” गृह मंत्रालय ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि ऑक्सीजन की कमी ना हो इसका ध्यान रखें. भारतीय रेलवे ने 2500 कोच में 40000 बेड तैयार किया है. यह 133 जगहों पर चल रहा है. आयुर्वेद के जरिए रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाई जाए इस पर भी ध्यान दिया गया है. प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में कई चीजों पर ध्यान दिया है और मंत्रियों से अपील की है कि वह राज्य के साथ संपर्क में रहें.”
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि
“कोरोना वायरस के संबंध में यह पता चला है कि 1 आदमी 30 दिन में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है. अगर हम लोग डाउन कर दें तो एक व्यक्ति केवल 2.5 को इफेक्ट कर सकता है. इसलिए समझिए कि लॉक डाउन कितना जरूरी है. सोशल डिस्टेंसिंग सोशल वैक्सीन है.

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