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प्रेरणा: दिल्ली चुनाव में आदर्श बनी महिला, आज़ादी के बाद सभी चुनावों में लिया हिस्सा, कर रही है खास अपील

नयी दिल्ली. देश की राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है. दिल्ली के लोग हालांकि पहले चरण में सुस्ती पकड़े हुए थे लेकिन दोपहर होते-होते मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी गई है. ठंड के बीच राजनीतिक गर्मी ने मतदाताओं का हौसला बढ़ाया है. यही कारण है कि बूथों पर कतार देखी जा सकती है. दिल्ली के 1.47 करोड़ लोग 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. उम्मीदवार अपने अपने ढंग से लगातार मतदान की अपील कर रहे हैं.
दिल्ली चुनाव में अचानक एक मतदाता आई और सबका ध्यान अपनी और आकर्षित किया. इस मतदाता की खास बात यह थी कि यह दिल्ली प्रदेश की सबसे बुजुर्ग मतदाता थीं जिनकी उम्र 111 साल की है. वयोवृद्ध महिला का नाम कलीतारा मंडल है और उन्होंने दिल्ली के मतदाताओं से घर से निकल कर मतदान करने की अपील की. बेटे, पोते और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सीआर पार्क स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचीं 111 साल की मंडल ने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद बड़े गर्व से अपनी स्याही लगी ऊंगली फोटाग्राफर्स के सामने कर दी. उन्होंने कहा कि मुझे इस चुनाव में मतदान करके खुशी हो रही है. मुझे याद नहीं है कि मैंने कितने चुनावों में भाग लिया है, लेकिन जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें वोट जरूर डालना चाहिए. मैं अन्य लोगों से भी घरों से निकलने और वोट डालने की अपील करती हूं. कली तारा मंडल का जन्म अविभाजित भारत के बारीसाल (अब बांग्लादेश में है) में 1908 में हुआ. उन्होंने उपमहाद्वीप को कई बुरे दौरे से गुजरते हुए देखा हैं उन्होंने 1947 का भारत-पाकिस्तान और 1971 का पाकिस्तान-बांग्लादेश विभाजन भी देखा है. राष्ट्रीय राजधानी में बसने से पहले उन्हें अपने परिवार के साथ दो बार शरणार्थी बनकर भी रहना पड़ा है. मंडल ने आज़ाद भारत के सभी चुनावों में भागीदारी की है और इसका वह गर्व भी करती हैं.
राष्ट्रीय राजधानी में अपने जीवन के शतक लगा चुके तकरीबन 150 मतदाता हैं. लेकिन कली तारा मंडल सभी से अधिक उम्र की हैं. आयोग ने भी उन्हें सम्मानित किया है और बुथ तक अपने वाहन से उन्हें पहुचाया है. मंडल मतपत्र और मतपेटियों वाले दिन याद करती हुई कहती हैं, ‘‘हां, मुझे याद है. वे लोग (मतदान अधिकारी) मेरे अंगूठे का निशान लेते और फिर मतपत्र को मोड़कर पेटी में डाला जाता. मैंने बड़ी मशीनों (ईवीएम) पर भी मतदान किया है.” मंडल को मतदान केंद्र तक लेकर आने वाले सहायक मतदान अधिकारी हरीश कुमार ने कहा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि यह काम सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि इस उम्र में भी वह आयीं और वोट डाला. इससे हम सभी भारतीयों को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने की प्रेरणा मिलनी चाहिए.

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Prakash Pandey

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