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कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर मन चल रहे हर सवालों के जवाब जान लीजिए

नए साल के शुरुआती 2 दिन में ही ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (डीसीजीआई) ने देशवासियों को खुशखबरी दे दी. डीसीजीआई ने दो वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. साथ ही साथ वैक्सीन को 100 फीसदी सुरक्षित बताते हुए अफवाह पर ध्यान न देने की अपील भी DCGI ने की है. कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर चल रही चर्चा को विराम लगाते हुए DCGI ने कहा है कि हर वैक्सीन का कुछ न कुछ साइड इफेक्ट होता है लेकिन कोरोना वैक्सीन का कोई गंभीर साइड इफेक्ट नही होगा. शरीर पर हल्का असर दिखने का मतलब है कि वैक्सीन का प्रभाव हो रहा है.

सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों की राय

वैक्सीन को विशेषज्ञों ने सुरक्षित बताया और कहा कि साइड इफेक्ट होना इस बात का प्रमाण है कि वैक्सीन हमारे शरीर पर असर कर रहा है. विशेषज्ञों ने इससे गंभीर समस्या होने की बात को नकार दिया. वैक्सीन दो डोज़ में दी जाएगी. पहली और दूसरी डोज़ के बीच 28 दिन का अंतर होगा. विशेषज्ञों ने पहली डोज़ के बाद कोविड-19 प्रोटोकॉल को फॉलो करने को कहा है. बताया है कि लापरवाही पर संक्रमण की चपेट में आने का खतरा रहेगा.

कब और कैसे होगा असर

लोगों के मन में वैक्सीन के लगने के बाद कितने दिनों में फायदा होने को लेकर भी सवाल है. इसका कारण भी है. पिछले साल हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने ट्रायल के दौरान वैक्सीन का पहला डोज़ लगवाया था लेकिन 15 दीन बाद ही वह पॉजिटिव पाए गए थे. उस समय वैक्सीन निर्माता कंपनी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरे मामले पर अपनी सफाई दी थी और कहा था कि दोनों डोज़ लगवाने के कुछ दिन बाद शरीर में इस वायरस से लड़ने की क्षमता विकसित होती है. ऐसे में पहली डोज़ के बाद किसी भी तरह की लापरवाही नुकसान देह हो सकती है. ट्रायल के समय भी पहली डोज़ के 28 दिन बाद दूसरी डोज़ दी जा रही थी और टीकाकरण के दौरान भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी.पहली डोज़ के 28 दिन बाद दूसरी डोज़ लेनी होगी. दोनों डोज़ लेने के एक से दो हफ्ते बाद शरीर मे कोरोना से लडने वाले एंटीबाडी निर्मित होते हैं. यह भी कहा जा रहा है कि वायरस से संक्रमित लोगो के स्वस्थ होने के बाद ही कोरोना वैक्सीन लगवाई जाएगी.

अपनाई जाएगी पूरी प्रक्रिया

कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के लिए सरकार ने बकायदा एक रूपरेखा तैयार की है. सेंटर पर वैक्सीन ले जाने से लेकर लोगों के लगवाने तक की निगरानी की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है. वैक्सीन स्वैच्छिक होगा. यानी जो व्यक्ति चाहेगा वैक्सीन उसी को लगाई जाएगी. जहां टीकाकरण कराया जाएगा वहां चिकित्सकों की पूरी टीम मौजूद रहेगी. इतना ही नहीं वैक्सीन लगाने वाले की स्वास्थ्य की जांच की जाएगी. कोरोना की संभावना वाले लोगों को टीका नहीं लगाया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात है टीका लगाने के बाद व्यक्ति को आधे घंटे तक सेंटर पर ही रुकना होगा. इस दौरान स्पेशलिस्ट टीम यह देखेगी कि वैक्सीन के बाद कोई साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है. वैक्सीन के साइड इफेक्ट से निपटने के लिए सभी तरह की दवाएं सेंटर पर मौजूद रहेंगी. वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा. सरकार ने इसके लिए कोविन नाम से एक ऐप तैयार किया है. इस पर रजिस्ट्रेशन से लेकर टीकाकरण तक की पूरी प्रक्रिया अपडेट की जाएगी. कोरोना वैक्सीन लग जाने के बाद पोर्टल पर दर्ज किए गए रिकॉर्ड में काला बटन पीला हो जाएगा. जिससे यह भी पता चल सकेगा कि और इससे पहले नहीं लगी है.

सुरक्षित है कोरोना वैक्सीन

डीसीजीआई विजय सोमानी ने कोरोना की दोनों वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद कहा कि अगर सुरक्षा को लेकर थोड़ी भी चिंता होती तो हम कभी भी इसके इस्तेमाल की मंजूरी नहीं देते. दोनों वैक्सीन 100 फीसदी सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि हल्का बुखार, दर्द और एलर्जी जैसे कुछ दुष्प्रभाव हर टीके के लिए आम है. इससे नपुंसक होने की बात बकवास है.

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Prakash Pandey

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